{"_id":"6a5d27afeaff0398dd07029e","slug":"1480-lakh-fraud-in-the-name-of-providing-csr-funds-fir-against-three-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-156354-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: सीएसआर फंड दिलाने के नाम पर 14.80 लाख की ठगी, तीन के खिलाफ प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: सीएसआर फंड दिलाने के नाम पर 14.80 लाख की ठगी, तीन के खिलाफ प्राथमिकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादियाबाद (गाजीपुर)। ट्रस्ट को सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर 14.80 लाख रुपये हड़पने और रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ.ईरज राजा के आदेश पर की गई।
थानाध्यक्ष बागिस विक्रम सिंह ने बताया कि गरैनी गांव निवासी शारदा शिक्षण संस्थान जनसेवा ट्रस्ट के सचिव अवधेश यादव ने तहरीर दी है कि 2023 में उनकी मुलाकात वाराणसी निवासी धर्मेंद्र टांक दुबे और विकास पांडेय से हुई। दोनों ने खुद को हरिहर महादेव ट्रस्ट से जुड़ा बताते हुए महाराष्ट्र निवासी अमित दास से पहचान होने का दावा किया और सीएसआर फंड के जरिये ट्रस्ट को 4.30 करोड़ रुपये दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि इसके एवज में पहले 4.30 लाख रुपये मांगे गए, जो बैंक खाते में जमा करा दिए गए। इसके बाद मुंबई बुलाकर एग्रीमेंट कराया गया और विभिन्न बहानों से 6.50 लाख रुपये ऑनलाइन तथा करीब चार लाख रुपये नकद भी खर्च करा दिए गए। इस तरह कुल 14.80 लाख रुपये ले लिए गए, लेकिन ट्रस्ट को कोई फंड नहीं मिला।
विज्ञापन
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष बागिस विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पीड़ित की तहरीर के आधार पर धर्मेंद्र टांक दुबे, विकास पांडेय और अमित दास के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष बागिस विक्रम सिंह ने बताया कि गरैनी गांव निवासी शारदा शिक्षण संस्थान जनसेवा ट्रस्ट के सचिव अवधेश यादव ने तहरीर दी है कि 2023 में उनकी मुलाकात वाराणसी निवासी धर्मेंद्र टांक दुबे और विकास पांडेय से हुई। दोनों ने खुद को हरिहर महादेव ट्रस्ट से जुड़ा बताते हुए महाराष्ट्र निवासी अमित दास से पहचान होने का दावा किया और सीएसआर फंड के जरिये ट्रस्ट को 4.30 करोड़ रुपये दिलाने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके एवज में पहले 4.30 लाख रुपये मांगे गए, जो बैंक खाते में जमा करा दिए गए। इसके बाद मुंबई बुलाकर एग्रीमेंट कराया गया और विभिन्न बहानों से 6.50 लाख रुपये ऑनलाइन तथा करीब चार लाख रुपये नकद भी खर्च करा दिए गए। इस तरह कुल 14.80 लाख रुपये ले लिए गए, लेकिन ट्रस्ट को कोई फंड नहीं मिला।
विज्ञापन
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष बागिस विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पीड़ित की तहरीर के आधार पर धर्मेंद्र टांक दुबे, विकास पांडेय और अमित दास के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।