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Ghazipur News: डायग्नोस्टिक सेंटर में अल्ट्रासाउंड करते फर्जी रेडियोलॉजिस्ट को पकड़ा, मशीन सील की

Wed, 19 Aug 2026 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:05 AM IST
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Fake radiologist caught performing ultrasound at diagnostic center; machine sealed.
अल्ट्रासाउंड साउंड मशीन व केंद्र का निरीक्षण करते सैदपुर सीएचसी डा. संजीव सिंह। स्रोत.. पाठक
गाजीपुर। सैदपुर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान वहां एक व्यक्ति खुद को रेडियोलॉजिस्ट बताकर अल्ट्रासाउंड करता मिला। टीम ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई। सेंटर में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील कर दिया गया।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि सिकंदरा निवासी अभिषेक यादव और अजय यादव हैप्पी डायग्नोस्टिक सेंटर चला रहे हैं। यह केंद्र प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए संबद्ध भी है।
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अधीक्षक ने बताया कि केंद्र को लेकर काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति को चिकित्सक अथवा रेडियोलॉजिस्ट के रूप में प्रस्तुत कर मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शिकायत की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय टीम ने पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की।
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इसके तहत कोतवाली में तैनात सिपाही अजय मौर्य को सादे कपड़ों में मरीज बनाकर सेंटर पर भेजा गया। जैसे ही खुद को चिकित्सक और रेडियोलॉजिस्ट बताने वाले व्यक्ति ने अल्ट्रासाउंड करना शुरू किया, टीम ने उसे पकड़ लिया।
इसके बाद मशीन को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान केंद्र संचालकों को नोटिस देने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने नोटिस लेने से इन्कार कर दिया। सेंटर के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
अधीक्षक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक मरीजों के उपचार और दवाओं से संबंधित निर्णय लेते हैं।
ऐसे में यदि जांच रिपोर्ट गलत तरीके से तैयार की जाती है तो मरीजों के उपचार पर उसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं के मामले में ऐसी लापरवाही और भी गंभीर हो सकती है। केंद्र का अल्ट्रासाउंड लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत केंद्र को मिली अधिकृत व्यवस्था को समाप्त करने की भी संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।

कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई है। मामले में तहरीर मिली है और मौके से पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. संजीव सिंह के अलावा डॉ. रामजी सिंह, सूरज रावत और सौरभ श्रीवास्तव शामिल रहे। कार्रवाई की जानकारी के बाद क्षेत्र के अन्य डायग्नोस्टिक सेंटरों में भी हलचल बढ़ गई।
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