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Ghazipur News: कहीं महीनों तो कहीं सालों से बंद पड़े हैं राजकीय नलकूप
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हरधना गांव में बंद पड़ा राजकीय नलकूप। संवाद
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गाजीपुर। वर्तमान में रबी का सीजन चल रहा है। किसानों को गेहूं, सब्जियों व अन्य फसलों के लिए सिंचाई की जरूरत है। लेकिन, 70 से 80 राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। नलकूप विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उनको फसलों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
जनपद में किसानों की संख्या करीब साढ़े पांच लाख है। जिले में 2.54 लाख हेक्टेयर में कृषि कार्य होता है। किसानों को फसलों की सिंचाई में सहूलियत मिल सके, इसके लिए 16 ब्लाॅकों में कुल 841 राजकीय नलकूप हैं। नलकूप विभाग का दावा है कि राजकीय नलकूपों के माध्यम से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर कई ऐसे नलकूप हैं, जिनका लंबे समय से सुध नहीं ली गई।
जिले में अधिकांश किसान आर्थिक रूप से हैं। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए राजकीय नलकूपों पर निर्भर हैं। लेकिन, इनका साथ नहीं मिलने के कारण मजबूरी में वह निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक राजकीय नलकूप की क्षमता 250 एकड़ भूमि की सिंचाई करनी की होती है।
खराब पड़े हैं ज्यादातर नलकूप
बाराचवर विकास खंड के अतौली में तीन महीने से बिजली की समस्या से खराब पड़ा हुआ है। वहीं जमुई में राजकीय नलकूप दो महीने से बंद है। किसान सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इधर, मनिहारी विकास खंड क्षेत्र के हरधना में राजकीय नलकूप तीन वर्षों से बंद है। इसके कारण ऑपरेटर भी नहीं आता है। वहीं बरेसर क्षेत्र के जोगापुर में राजकीय नलकूप से तीन वर्षों से पानी नहीं आया है। इससे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। वह विभाग से गुहार लगाकर थक चुके हैं।
सरकार की ओर से किसानों की सहूलियत के लिए राजकीय नलकूपों की व्यवस्था की गई है। लेकिन, विभागीय लापरवाही के कारण यह शो-पीस बन चुके हैं। - अजीत विक्रम, हरधना
विभाग को किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए खराब पड़े राजकीय नलकूपों को जल्द दुरुस्त कराना चाहिए। इसको लेकर गंभीरता का परिचय देना चाहिए। - शिवशंकर सिंह, अतौली
खराब पड़े नलकूपों को ठीक करने को लेकर विभाग की ओर से उदासीनता का परिचय दिया जाता है। गुहार लगाने के बाद भी विभाग सक्रिय नहीं होता है। - विश्वनाथ, जोगापुर
राजकीय नलकूपों के खराब होने की स्थिति में निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ जा रही है। इसका सीधा असर किसानों के मुनाफे पर पड़ रहा है। - सुरेंद्र राजभर, जमुई
जहां राजकीय नलकूप खराब हैं, उनको जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। राजकीय नलकूपों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। - हरद्ववारी लाल, अधीक्षण अभियंता नलकूप विभाग
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जनपद में किसानों की संख्या करीब साढ़े पांच लाख है। जिले में 2.54 लाख हेक्टेयर में कृषि कार्य होता है। किसानों को फसलों की सिंचाई में सहूलियत मिल सके, इसके लिए 16 ब्लाॅकों में कुल 841 राजकीय नलकूप हैं। नलकूप विभाग का दावा है कि राजकीय नलकूपों के माध्यम से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर कई ऐसे नलकूप हैं, जिनका लंबे समय से सुध नहीं ली गई।
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जिले में अधिकांश किसान आर्थिक रूप से हैं। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए राजकीय नलकूपों पर निर्भर हैं। लेकिन, इनका साथ नहीं मिलने के कारण मजबूरी में वह निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक राजकीय नलकूप की क्षमता 250 एकड़ भूमि की सिंचाई करनी की होती है।
खराब पड़े हैं ज्यादातर नलकूप
बाराचवर विकास खंड के अतौली में तीन महीने से बिजली की समस्या से खराब पड़ा हुआ है। वहीं जमुई में राजकीय नलकूप दो महीने से बंद है। किसान सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इधर, मनिहारी विकास खंड क्षेत्र के हरधना में राजकीय नलकूप तीन वर्षों से बंद है। इसके कारण ऑपरेटर भी नहीं आता है। वहीं बरेसर क्षेत्र के जोगापुर में राजकीय नलकूप से तीन वर्षों से पानी नहीं आया है। इससे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। वह विभाग से गुहार लगाकर थक चुके हैं।
सरकार की ओर से किसानों की सहूलियत के लिए राजकीय नलकूपों की व्यवस्था की गई है। लेकिन, विभागीय लापरवाही के कारण यह शो-पीस बन चुके हैं। - अजीत विक्रम, हरधना
विभाग को किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए खराब पड़े राजकीय नलकूपों को जल्द दुरुस्त कराना चाहिए। इसको लेकर गंभीरता का परिचय देना चाहिए। - शिवशंकर सिंह, अतौली
खराब पड़े नलकूपों को ठीक करने को लेकर विभाग की ओर से उदासीनता का परिचय दिया जाता है। गुहार लगाने के बाद भी विभाग सक्रिय नहीं होता है। - विश्वनाथ, जोगापुर
राजकीय नलकूपों के खराब होने की स्थिति में निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ जा रही है। इसका सीधा असर किसानों के मुनाफे पर पड़ रहा है। - सुरेंद्र राजभर, जमुई
जहां राजकीय नलकूप खराब हैं, उनको जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। राजकीय नलकूपों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। - हरद्ववारी लाल, अधीक्षण अभियंता नलकूप विभाग
