सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Government tube wells have been shut down for months in some places and for years in others

Ghazipur News: कहीं महीनों तो कहीं सालों से बंद पड़े हैं राजकीय नलकूप

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
Government tube wells have been shut down for months in some places and for years in others
हरधना गांव में बंद पड़ा राजकीय नलकूप। संवाद
विज्ञापन
गाजीपुर। वर्तमान में रबी का सीजन चल रहा है। किसानों को गेहूं, सब्जियों व अन्य फसलों के लिए सिंचाई की जरूरत है। लेकिन, 70 से 80 राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। नलकूप विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उनको फसलों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
Trending Videos

जनपद में किसानों की संख्या करीब साढ़े पांच लाख है। जिले में 2.54 लाख हेक्टेयर में कृषि कार्य होता है। किसानों को फसलों की सिंचाई में सहूलियत मिल सके, इसके लिए 16 ब्लाॅकों में कुल 841 राजकीय नलकूप हैं। नलकूप विभाग का दावा है कि राजकीय नलकूपों के माध्यम से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर कई ऐसे नलकूप हैं, जिनका लंबे समय से सुध नहीं ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में अधिकांश किसान आर्थिक रूप से हैं। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए राजकीय नलकूपों पर निर्भर हैं। लेकिन, इनका साथ नहीं मिलने के कारण मजबूरी में वह निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक राजकीय नलकूप की क्षमता 250 एकड़ भूमि की सिंचाई करनी की होती है।
खराब पड़े हैं ज्यादातर नलकूप
बाराचवर विकास खंड के अतौली में तीन महीने से बिजली की समस्या से खराब पड़ा हुआ है। वहीं जमुई में राजकीय नलकूप दो महीने से बंद है। किसान सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इधर, मनिहारी विकास खंड क्षेत्र के हरधना में राजकीय नलकूप तीन वर्षों से बंद है। इसके कारण ऑपरेटर भी नहीं आता है। वहीं बरेसर क्षेत्र के जोगापुर में राजकीय नलकूप से तीन वर्षों से पानी नहीं आया है। इससे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। वह विभाग से गुहार लगाकर थक चुके हैं।
सरकार की ओर से किसानों की सहूलियत के लिए राजकीय नलकूपों की व्यवस्था की गई है। लेकिन, विभागीय लापरवाही के कारण यह शो-पीस बन चुके हैं। - अजीत विक्रम, हरधना
विभाग को किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए खराब पड़े राजकीय नलकूपों को जल्द दुरुस्त कराना चाहिए। इसको लेकर गंभीरता का परिचय देना चाहिए। - शिवशंकर सिंह, अतौली
खराब पड़े नलकूपों को ठीक करने को लेकर विभाग की ओर से उदासीनता का परिचय दिया जाता है। गुहार लगाने के बाद भी विभाग सक्रिय नहीं होता है। - विश्वनाथ, जोगापुर
राजकीय नलकूपों के खराब होने की स्थिति में निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ जा रही है। इसका सीधा असर किसानों के मुनाफे पर पड़ रहा है। - सुरेंद्र राजभर, जमुई
जहां राजकीय नलकूप खराब हैं, उनको जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। राजकीय नलकूपों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। - हरद्ववारी लाल, अधीक्षण अभियंता नलकूप विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed