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Ghazipur News: आरटीई में फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाया तो दर्ज होगी प्राथमिकी
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गाजीपुर। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाने वालों की अब खैर नहीं। प्रशासन ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शिकंजा कस दिया है।
अब केवल आवेदन निरस्त नहीं होगा, बल्कि अभिभावक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। यही नहीं, फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने में जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालक भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि आरटीई के तहत लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की तहसील स्तर से रैंडम जांच कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों का मिलान तहसील रिकॉर्ड से कराया जाएगा। जहां भी प्रमाण पत्र नंबर रिकॉर्ड में नहीं मिलेगा या कोई गड़बड़ी सामने आएगी, वहां संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अब तक यह व्यवस्था थी कि आय प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। प्रशासन का मानना है कि मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र बच्चों को आरटीई का लाभ मिल सकेगा।
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अब केवल आवेदन निरस्त नहीं होगा, बल्कि अभिभावक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। यही नहीं, फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने में जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालक भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि आरटीई के तहत लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की तहसील स्तर से रैंडम जांच कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों का मिलान तहसील रिकॉर्ड से कराया जाएगा। जहां भी प्रमाण पत्र नंबर रिकॉर्ड में नहीं मिलेगा या कोई गड़बड़ी सामने आएगी, वहां संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अब तक यह व्यवस्था थी कि आय प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। प्रशासन का मानना है कि मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र बच्चों को आरटीई का लाभ मिल सकेगा।