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Ghazipur News: पट्टाधारकों को दी गई जमीन खाली करने का नोटिस
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गाजीपुर। जिले के पतार गांव में वर्ष 2023 में 38 दलित परिवारों को आवासीय पट्टे पर दी गई भूमि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उस समय जो जमीन ग्राम अभिलेखों में बंजर दर्ज थी, अब प्रशासन ने उसे खेल के मैदान के रूप में उपयोग में होने का हवाला देते हुए पट्टाधारकों को भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया है।
मंगलवार को ग्राम प्रधान मुन्ना राम पट्टाधारकों के साथ जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मिले और अपना पक्ष रखा। ग्राम प्रधान ने बताया कि उक्त भूमि का पट्टा एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल सहित सभी संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर और मुहर के बाद दिया गया था। अभिलेखों में यह भूमि बंजर दर्ज है, ऐसे में तीन वर्ष बाद उसे स्पोर्ट्स लैंड बताकर नोटिस देना समझ से परे है।
वहीं, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बिना समुचित जांच के 38 लोगों को बंजर भूमि का पट्टा दे दिया गया था, जबकि उस भूमि का उपयोग पूर्व से खेल मैदान के रूप में होता रहा है। इसके साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। सीआरओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पट्टाधारकों की पात्रता की जांच कराई गई, जिसमें 38 में से करीब 32 पट्टाधारक अपात्र पाए गए हैं, जबकि केवल छह लोग पात्र हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र पट्टाधारकों को विस्थापित करने के बाद ही भूमि को खाली कराया जाएगा।
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मंगलवार को ग्राम प्रधान मुन्ना राम पट्टाधारकों के साथ जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मिले और अपना पक्ष रखा। ग्राम प्रधान ने बताया कि उक्त भूमि का पट्टा एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल सहित सभी संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर और मुहर के बाद दिया गया था। अभिलेखों में यह भूमि बंजर दर्ज है, ऐसे में तीन वर्ष बाद उसे स्पोर्ट्स लैंड बताकर नोटिस देना समझ से परे है।
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वहीं, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बिना समुचित जांच के 38 लोगों को बंजर भूमि का पट्टा दे दिया गया था, जबकि उस भूमि का उपयोग पूर्व से खेल मैदान के रूप में होता रहा है। इसके साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। सीआरओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पट्टाधारकों की पात्रता की जांच कराई गई, जिसमें 38 में से करीब 32 पट्टाधारक अपात्र पाए गए हैं, जबकि केवल छह लोग पात्र हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र पट्टाधारकों को विस्थापित करने के बाद ही भूमि को खाली कराया जाएगा।
