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Ghazipur News: लंपी का टीकाकरण शुरू, 25 टीमों का गठन
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गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बृहस्पतिवार को विकास भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लंपी को लेकर नौ सितंबर से जनपद में टीकाकरण का कार्य चल रहा है। इसके लिए 25 टीमों का गठन किया गया है। इनके द्वारा जनपद के कुल 2,66,143 गोवंशों का टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टीमों द्वारा प्रतिदिन गांवों का भ्रमण कर निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। जनपद में अभी लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप नहीं है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके प्रकोप को देखते हुए बचाव के लिए जनपद में टीकाकरण किया जा रहा है। लंपी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है। इसके कारण पशु को तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं। कभी-कभी शरीर की चमड़ी विशेष रूप से सिर, गर्दन, थूथन, थनों, गुदा व अंडकोष या योनिमुख के बीच के भाग पर गांठो के उभार बन जाते है। कभी-कभी पूरा शरीर गांठों से ढक जाता है। दुधारू गायों में दुग्ध उत्पादन काफी कम हो जाता है। ऐसा लक्षण दिखाई देने पर पशु पालक पशु चिकित्सालय व पशु सेवा केंद्र को सूचित करें।
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उन्होंने कहा कि टीमों द्वारा प्रतिदिन गांवों का भ्रमण कर निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। जनपद में अभी लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप नहीं है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके प्रकोप को देखते हुए बचाव के लिए जनपद में टीकाकरण किया जा रहा है। लंपी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है। इसके कारण पशु को तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं। कभी-कभी शरीर की चमड़ी विशेष रूप से सिर, गर्दन, थूथन, थनों, गुदा व अंडकोष या योनिमुख के बीच के भाग पर गांठो के उभार बन जाते है। कभी-कभी पूरा शरीर गांठों से ढक जाता है। दुधारू गायों में दुग्ध उत्पादन काफी कम हो जाता है। ऐसा लक्षण दिखाई देने पर पशु पालक पशु चिकित्सालय व पशु सेवा केंद्र को सूचित करें।
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