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Ghazipur News: दुर्घटना में पुत्र खोने वाली मां को मिलेंगे बीमा के 5 लाख
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गाजीपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी और बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सात अप्रैल को आयोग ने मृतक की मां (परिवादनी) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 5 लाख रुपये की बीमा धनराशि ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही, सेवा में कमी के लिए बैंक और बीमा कंपनी पर संयुक्त रूप से जुर्माना भी लगाया है।
शहर के मोहल्ले नवकापुरा (लंका) निवासी शीला देवी के पुत्र नन्दलाल जायसवाल का कॉर्पोरेशन बैंक में खाता था, जिस पर 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा प्रभावी था। अक्तूबर 2017 में एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान नन्दलाल की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मृत्यु हो गई थी।
जब मां ने बीमा क्लेम किया, तो बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट न होने और सूचना में देरी का हवाला देते हुए क्लेम निरस्त कर दिया था। आयोग ने विपक्षी ओरियन्टल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादनी को 5 लाख रुपये की बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। इसके अलावा, मानसिक और आर्थिक कष्ट के लिए 10,000 रुपये क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में बीमा कंपनी व बैंक को संयुक्त रूप से दो माह के भीतर देने होंगे।
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शहर के मोहल्ले नवकापुरा (लंका) निवासी शीला देवी के पुत्र नन्दलाल जायसवाल का कॉर्पोरेशन बैंक में खाता था, जिस पर 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा प्रभावी था। अक्तूबर 2017 में एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान नन्दलाल की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मृत्यु हो गई थी।
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जब मां ने बीमा क्लेम किया, तो बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट न होने और सूचना में देरी का हवाला देते हुए क्लेम निरस्त कर दिया था। आयोग ने विपक्षी ओरियन्टल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादनी को 5 लाख रुपये की बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। इसके अलावा, मानसिक और आर्थिक कष्ट के लिए 10,000 रुपये क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में बीमा कंपनी व बैंक को संयुक्त रूप से दो माह के भीतर देने होंगे।