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Ghazipur News: एप्रोच मार्ग का छह महीने में एक भी पिलर नहीं हुआ तैयार
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सुहवल। गंगा नदी पर प्रस्तावित व्हीकल फ्लाईओवर के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य बेहद धीमा है। पिछले छह महीनों में परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जिससे वर्ष 2027 तक इसके पूरा होने के लक्ष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। एप्रोच मार्ग के लिए कुल 24 पिलरों का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन अब तक एक भी पिलर तैयार नहीं हो पाया है। पी-2 साइड पर 21 पिलरों के लिए पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य तो पूरा हो गया है, लेकिन किसी भी पिलर का ऊपरी ढांचा अभी तक नहीं बन पाया है। वहीं पी-1 साइड की स्थिति अधिक चिंताजनक है, जहां अभी तक पाइलिंग का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है।
निर्माण की यह धीमी और असंतुलित गति परियोजना की प्रगति पर सवाल उठा रही है। एप्रोच मार्ग लगभग 1.260 किलोमीटर लंबा और 16.100 मीटर चौड़ा होगा, जिसकी अनुमानित लागत 52 करोड़ रुपये है। परियोजना को वर्ष 2025 की शुरुआत में स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ था।
इस महत्वपूर्ण परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाना और गंगा नदी के पार आवागमन को बेहतर बनाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की योजना के तहत इस फ्लाईओवर को वर्ष 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वर्तमान निर्माण गति को देखते हुए यह लक्ष्य अब मुश्किल लग रहा है।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक अजय सिंह ने कहा कि कार्यदायी संस्था को संसाधन बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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निर्माण की यह धीमी और असंतुलित गति परियोजना की प्रगति पर सवाल उठा रही है। एप्रोच मार्ग लगभग 1.260 किलोमीटर लंबा और 16.100 मीटर चौड़ा होगा, जिसकी अनुमानित लागत 52 करोड़ रुपये है। परियोजना को वर्ष 2025 की शुरुआत में स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ था।
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इस महत्वपूर्ण परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाना और गंगा नदी के पार आवागमन को बेहतर बनाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की योजना के तहत इस फ्लाईओवर को वर्ष 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वर्तमान निर्माण गति को देखते हुए यह लक्ष्य अब मुश्किल लग रहा है।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक अजय सिंह ने कहा कि कार्यदायी संस्था को संसाधन बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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