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Ghazipur News: गाजीपुर के पहले अर्जुन अवार्डी बने राजकुमार पाल
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भारतीय हॉकी खिलाड़ी---राजकुमार पाल। स्रोत- परिजन
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गाजीपुर। करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्टेडियम के मिडफील्डर और पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल को प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा से जिले में खुशी की लहर है। राजकुमार पाल गाजीपुर जिले के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसकी घोषणा मंगलवार को केंद्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय की गई है।
मेघबरन सिंह स्टेडियम के निदेशक एवं पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने देते हुए बताया कि उनकी इस उपलब्धि को करमपुर के ग्रामीण खेल मॉडल की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की खेल नीति और सहयोग ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। राधे मोहन सिंह ने कहा कि स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर तेज बहादुर सिंह (तेजू भैया) के निधन के बाद स्टेडियम परिवार के सामने कठिन परिस्थितियां आईं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से काफी संबल मिला। मुख्यमंत्री स्वयं राजकुमार पाल के पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने के बाद करमपुर पहुंचे थे। उन्होंने राजकुमार को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी का पद और एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया था। कहा कि राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि गाजीपुर की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की पहचान है।
अभावों के बीच तय किया ओलंपिक तक का सफर
राजकुमार पाल का संघर्ष भी प्रेरणादायी रहा है। महज आठ वर्ष की उम्र में पिता कल्पनाथ पाल के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो गई थीं। मां मनराजी पाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों को खेल से जोड़े रखा। राजकुमार के बड़े भाई जोखन पाल सेना में और मंझले भाई राजू पाल रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं। राजकुमार को आगे बढ़ाने में करमपुर स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में भोजन, दूध, खेल किट और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती थी। इसी माहौल में राजकुमार ने हॉकी की बारीकियां सीखीं और आगे बढ़ते हुए भारतीय हॉकी टीम तक पहुंचे।
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ग्रामीण खेल नर्सरी बनी पहचान
राधे मोहन सिंह ने कहा कि अर्जुन अवार्ड की घोषणा के बाद मेघबरन सिंह स्टेडियम के संचालक अनिकेत सिंह ने राजकुमार पाल के आवास पहुंचकर उनकी मां मनराजी पाल और भाभी नीलम पाल को मिठाई खिलाकर बधाई दी। स्टेडियम परिवार और खेल प्रेमियों ने राजकुमार की उपलब्धि को गाजीपुर के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
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मेघबरन सिंह स्टेडियम के निदेशक एवं पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने देते हुए बताया कि उनकी इस उपलब्धि को करमपुर के ग्रामीण खेल मॉडल की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की खेल नीति और सहयोग ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। राधे मोहन सिंह ने कहा कि स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर तेज बहादुर सिंह (तेजू भैया) के निधन के बाद स्टेडियम परिवार के सामने कठिन परिस्थितियां आईं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से काफी संबल मिला। मुख्यमंत्री स्वयं राजकुमार पाल के पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने के बाद करमपुर पहुंचे थे। उन्होंने राजकुमार को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी का पद और एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया था। कहा कि राजकुमार पाल को अर्जुन अवार्ड मिलना केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि गाजीपुर की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की पहचान है।
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अभावों के बीच तय किया ओलंपिक तक का सफर
राजकुमार पाल का संघर्ष भी प्रेरणादायी रहा है। महज आठ वर्ष की उम्र में पिता कल्पनाथ पाल के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो गई थीं। मां मनराजी पाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों को खेल से जोड़े रखा। राजकुमार के बड़े भाई जोखन पाल सेना में और मंझले भाई राजू पाल रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं। राजकुमार को आगे बढ़ाने में करमपुर स्टेडियम के संस्थापक स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में भोजन, दूध, खेल किट और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती थी। इसी माहौल में राजकुमार ने हॉकी की बारीकियां सीखीं और आगे बढ़ते हुए भारतीय हॉकी टीम तक पहुंचे।
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राधे मोहन सिंह ने कहा कि अर्जुन अवार्ड की घोषणा के बाद मेघबरन सिंह स्टेडियम के संचालक अनिकेत सिंह ने राजकुमार पाल के आवास पहुंचकर उनकी मां मनराजी पाल और भाभी नीलम पाल को मिठाई खिलाकर बधाई दी। स्टेडियम परिवार और खेल प्रेमियों ने राजकुमार की उपलब्धि को गाजीपुर के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।

भारतीय हॉकी खिलाड़ी---राजकुमार पाल। स्रोत- परिजन