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Ghazipur News: परिजनों की डांट के डर से भागा और रची अपहरण की कहानी
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गाजीपुर। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के डहरा खुर्द गांव निवासी किशोर कुलदीप सोमवार की सुबह लापता हो गया था। पुलिस ने करीब 10 घंटे में सकुशल वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन से उसे खोज निकाला। यही नहीं किशोर परिजनों की डांट के डर से खुद चला गया था और खुद ही अपहरण की भी कहानी गढ़ डाली थी।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि किशोर का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह परिजनों की डांट के डर से खुद घर से चला गया था। बाद में उसने परिजनों को फोन कर अपने अपहरण की कहानी सुना दी, इससे परिजन डर गए और प्राथमिकी दर्ज कराई। मालूम हो कि किशोर की साइकिल सोमवार की सुबह हसनपुर डगरा स्थित नहर पुल पर आटे की बोरी के साथ मिली थी। इसके बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। सीओ शुभम वर्मा ने परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद कोतवाल अनिल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से किशोर की तलाश शुरू की। किशोर ने बताया कि दो दिन पहले उससे कोई गलती हो गई थी, जिस पर परिजनों ने उसे डांटा था। डर के कारण वह सोमवार की सुबह घर जाने के बजाय रास्ते में अपनी साइकिल नहर पुल पर छोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद किसी व्यक्ति से लिफ्ट लेकर वह औड़िहार रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन से वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन चला गया। कोतवाल ने बताया कि वाराणसी सिटी पहुंचने के बाद किशोर ने मोबाइल फोन से परिजनों को बताया कि किसी ने उसका अपहरण कर लिया है। वहीं, पुलिस ने हिरासत में लिए पांच लोगों को छोड़ दिया।
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कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि किशोर का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह परिजनों की डांट के डर से खुद घर से चला गया था। बाद में उसने परिजनों को फोन कर अपने अपहरण की कहानी सुना दी, इससे परिजन डर गए और प्राथमिकी दर्ज कराई। मालूम हो कि किशोर की साइकिल सोमवार की सुबह हसनपुर डगरा स्थित नहर पुल पर आटे की बोरी के साथ मिली थी। इसके बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। सीओ शुभम वर्मा ने परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद कोतवाल अनिल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से किशोर की तलाश शुरू की। किशोर ने बताया कि दो दिन पहले उससे कोई गलती हो गई थी, जिस पर परिजनों ने उसे डांटा था। डर के कारण वह सोमवार की सुबह घर जाने के बजाय रास्ते में अपनी साइकिल नहर पुल पर छोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद किसी व्यक्ति से लिफ्ट लेकर वह औड़िहार रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन से वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन चला गया। कोतवाल ने बताया कि वाराणसी सिटी पहुंचने के बाद किशोर ने मोबाइल फोन से परिजनों को बताया कि किसी ने उसका अपहरण कर लिया है। वहीं, पुलिस ने हिरासत में लिए पांच लोगों को छोड़ दिया।
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