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Ghazipur News: बिना मैपिंग वाले मतदाता न हों परेशान वेबसाइट से मिलेगी नोटिस की जानकारी
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गाजीपुर। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत यदि किसी मतदाता का नाम बिना मैपिंग वाली सूची में शामिल है और संबंधित बीएलओ द्वारा नोटिस नहीं दिया गया है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर नोटिस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन ही उसका जवाब भी दे सकते हैं।
चुनाव आयोग ने नोटिस को लेकर मतदाताओं की परेशानियों को देखते हुए सुविधाओं का दायरा बढ़ाया है। आयोग के निर्देशानुसार सुनवाई के दौरान निवास प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा, लेकिन राज्य स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर की नकल को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि जन्मतिथि के आधार पर दस्तावेज प्रस्तुत करने की व्यवस्था तय की गई है। जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे। वहीं, जिन मतदाताओं का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ माता और पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। डीएम ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज समय से प्रस्तुत करें।
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चुनाव आयोग ने नोटिस को लेकर मतदाताओं की परेशानियों को देखते हुए सुविधाओं का दायरा बढ़ाया है। आयोग के निर्देशानुसार सुनवाई के दौरान निवास प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा, लेकिन राज्य स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर की नकल को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
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जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि जन्मतिथि के आधार पर दस्तावेज प्रस्तुत करने की व्यवस्था तय की गई है। जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे। वहीं, जिन मतदाताओं का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ माता और पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। डीएम ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज समय से प्रस्तुत करें।
