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UP:  श्रीगिरिराज सेवा ट्रस्ट के कागजातों में हेराफरी, करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी...कथा प्रवक्ता पर गंभीर आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Jan 2026 10:56 AM IST
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सार

वृंदावन के कथा प्रवक्ता करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फंस गए हैं। ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस जांच में जुटी गई है। 

Bhagavata Katha speaker accused of embezzling millions of rupees.
agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वृंदावन के भागवत कथा प्रवक्ता पर सार्वजनिक सेवा ट्रस्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी कर गबन करने के आरोप का मामला सामने आया है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच पुलिस कर रही है, जो कि न्यायालय में विचाराधीन है। कथा प्रवक्ता पर कोलकाता के श्रीगिरिराज सेवा ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा कागजात में हेराफेरी कर करोड़ों की नकदी और संपत्ति हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं।
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इस संबंध में ट्रस्ट के अध्यक्ष भगवती प्रसाद केडिया ने प्रेस वार्ता में प्रकरण से संबंधित दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि एक कथा प्रवक्ता की अध्यात्म के प्रचार के प्रति रुचि को देखते हुए उनके सहयोग के लिए वर्ष 2007 में सार्वजनिक ट्रस्ट श्रीगिरिराज सेवा ट्रस्ट का गठन किया गया, जिसमें नियमानुसार उनकी अध्यक्षता में 7 से 21 ट्रस्टी नियुक्त किए गए थे। इसका उद्देश्य अध्यात्म प्रचार के साथ समाज सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों का संचालन करना था। इसके तहत क्रूज द्वारा विदेशों में भी धर्म संस्कृति का प्रचार प्रसार करना था। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ख्याति बढ़ने के साथ ही इसमें सदस्यों की संख्या में वृद्धि होती गई। इसके बाद समाज सेवा के लिए नगर के रमणरेती इलाके में चार हजार वर्ग गज भूमि खरीदी गई, जिस पर धर्मशाला और अन्नक्षेत्र संचालित किए जाने थे। ट्रस्ट की संपत्ति में बढ़ोत्तरी देखकर कथा प्रवक्ता की नीयत में खोट आ गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कथा प्रवक्ता ने षड्यंत्र रचते हुए ट्रस्ट के कागजातों में हेराफेरी कर फर्जी कागजात तैयार कर लिए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट की बैंक में जमा करोड़ों रुपए की रकम गलत ढंग से हड़प ली। जिसकी जानकारी होने पर ट्रस्टियों ने उन्हें ट्रस्ट से निष्कासित करते हुए वर्ष 2017 में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई, जो न्यायालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा कागजातों की फॉरेंसिक जांच कराने के बाद वादी द्वारा लगाए गए आरोपों को सही ठहराते हुए न्यायालय के समक्ष शपथपत्र भी प्रस्तुत किया गया है।

इस संबंध में श्रीगिरिराज सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों का कहना है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होकर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन भगवती प्रसाद केड़िया, उपाध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, संयुक्त सचिव हेमंत कुमार जैन, व्यवस्थापक केशव दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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