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Pratapgarh News: क्यूआर स्कैन करते ही अभिभावकों को मिलेगी स्कूली वाहनों की जानकारी
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क्यूआर कोड के जरिये अभिभावक अपने बच्चों के स्कूली वाहनों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। डीआरडीओ की अगुवाई में निजी व सरकारी स्कूलों में संचालित वाहनों की पूरी जानकारी यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर अपलोड की जा रहा है।
15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के तहत 800 से अधिक स्कूली वाहनों की फीडिंग हो चुकी है। जिले में 3,500 से अधिक निजी व सरकारी स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक स्कूली वाहनों के बारे में क्यूआर कोड स्कैन कर जानकारी ले सकेंगे। एआरटीओ स्कूली वाहनों पर विवरण फीडिंग के बाद क्यूआर कोड लगवा रहे हैं। जिसे स्कैन करते ही वाहन की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण अनापत्ति समेत अन्य प्रमाणपत्रों के वैधता अवधि की जानकारी हो सकेगी। साथ ही स्कूली वाहन के चालक और परिचालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर की भी जानकारी हो सकेगी।
वर्जन
स्कूल प्रबंधन की मनमानी को रोकने के लिए यह कदम विभाग की ओर से उठाया गया है। नए आदेश के मुताबिक, पोर्टल पर स्कूली वाहनों का डाटा फीड हो रहा है। फीडिंग के बाद क्यूआर कोड वाहन पर चस्पा कराया जा रहा है ताकि उसे स्कैन करते ही संपूर्ण जानकारी मिल सके।
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- डॉ. दिलीप गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन।
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15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के तहत 800 से अधिक स्कूली वाहनों की फीडिंग हो चुकी है। जिले में 3,500 से अधिक निजी व सरकारी स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक स्कूली वाहनों के बारे में क्यूआर कोड स्कैन कर जानकारी ले सकेंगे। एआरटीओ स्कूली वाहनों पर विवरण फीडिंग के बाद क्यूआर कोड लगवा रहे हैं। जिसे स्कैन करते ही वाहन की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण अनापत्ति समेत अन्य प्रमाणपत्रों के वैधता अवधि की जानकारी हो सकेगी। साथ ही स्कूली वाहन के चालक और परिचालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर की भी जानकारी हो सकेगी।
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स्कूल प्रबंधन की मनमानी को रोकने के लिए यह कदम विभाग की ओर से उठाया गया है। नए आदेश के मुताबिक, पोर्टल पर स्कूली वाहनों का डाटा फीड हो रहा है। फीडिंग के बाद क्यूआर कोड वाहन पर चस्पा कराया जा रहा है ताकि उसे स्कैन करते ही संपूर्ण जानकारी मिल सके।
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- डॉ. दिलीप गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन।