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Almora News: अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ को छह माह, बागेश्वर के वाहनों को एटीएस फिटनेस से एक साल की छूट
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अल्मोड़ा। एटीएस (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) पर कामर्शियल वाहनों के फिटनेस कराए जाने का आदेश उत्तराखंड के आठ जनपदों के लिए फिलहाल रोक दिया गया है। अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के वाहन चालकों को छह माह जबकि बागेश्वर के वाहनों की एक साल तक मैन्युअली फिटनेस ही होगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश भी जारी कर दिया है।
एटीएस सेंटर से ही कामर्शियल वाहनों के फिटनेस आदेश जारी होने के बाद पहाड़ों पर वाहनों के पहिये थम से गए थे। ऐसे में सैकड़ों वाहन बिना फिटनेस के ही दौड़ने लगे। परिवहन विभाग ने एटीएस सेंटर से ही फिटनेस का आदेश तो जारी किया लेकिन एटीएस सेंटर की स्थापना पहाड़ों पर नहीं की। मैदान से लगते जिलों में तो आनन फानन प्राइवेट संस्था काे एटीएस का कार्य देकर संचालित करा दिया था जबकि पहाड़ के आठ जिलों में एटीएस सेंटर ही नहीं था। इसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ भी शामिल रहे। फिटनेस खत्म होने के बाद वाहन स्वामी व चालकों में उबाल आ गया। पिथौरागढ़, रानीखेत, बागेश्वर, द्वाराहाट, अल्मोड़ा सहित अन्य जगहों पर आंदोलन शुरू हो गए थे।
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चार जिलों को छह माह की राहत
उत्तराखंड के चार जिलों उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के कामर्शियल वाहनों के मैन्युअल फिटनेस के लिए छह माह का विस्तार मिला है। इन जिलों के वाहन एक जुलाई 2026 तक फिटनेस मैन्युअली करा सकते हैं।
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बागेश्वर को एक साल की राहत
बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली को एक साल की राहत मिली है। यहां के कामर्शियल वाहन 31 दिसंबर 2026 तक अपने वाहनों की मैन्युअली फिटनेस परिवहन विभाग दफ्तर के तकनीकी विभाग से करा सकते हैं।
कोट...
उत्तराखंड के आठ जनपदों की भौगोलिक समस्या को परिवहन मंत्रालय के समक्ष रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पूरा सहयोग किया। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने बागेश्वर के वाहनों के लिए एक साल और अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ के लिए छह माह के लिए मैन्युअली फिटनेस कराने का आदेश जारी कर दिया है। -सुनील शर्मा, उपायुक्त परिवहन उत्तराखंड
एटीएस सेंटर से ही कामर्शियल वाहनों के फिटनेस आदेश जारी होने के बाद पहाड़ों पर वाहनों के पहिये थम से गए थे। ऐसे में सैकड़ों वाहन बिना फिटनेस के ही दौड़ने लगे। परिवहन विभाग ने एटीएस सेंटर से ही फिटनेस का आदेश तो जारी किया लेकिन एटीएस सेंटर की स्थापना पहाड़ों पर नहीं की। मैदान से लगते जिलों में तो आनन फानन प्राइवेट संस्था काे एटीएस का कार्य देकर संचालित करा दिया था जबकि पहाड़ के आठ जिलों में एटीएस सेंटर ही नहीं था। इसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ भी शामिल रहे। फिटनेस खत्म होने के बाद वाहन स्वामी व चालकों में उबाल आ गया। पिथौरागढ़, रानीखेत, बागेश्वर, द्वाराहाट, अल्मोड़ा सहित अन्य जगहों पर आंदोलन शुरू हो गए थे।
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चार जिलों को छह माह की राहत
उत्तराखंड के चार जिलों उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के कामर्शियल वाहनों के मैन्युअल फिटनेस के लिए छह माह का विस्तार मिला है। इन जिलों के वाहन एक जुलाई 2026 तक फिटनेस मैन्युअली करा सकते हैं।
बागेश्वर को एक साल की राहत
बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली को एक साल की राहत मिली है। यहां के कामर्शियल वाहन 31 दिसंबर 2026 तक अपने वाहनों की मैन्युअली फिटनेस परिवहन विभाग दफ्तर के तकनीकी विभाग से करा सकते हैं।
कोट...
उत्तराखंड के आठ जनपदों की भौगोलिक समस्या को परिवहन मंत्रालय के समक्ष रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पूरा सहयोग किया। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने बागेश्वर के वाहनों के लिए एक साल और अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ के लिए छह माह के लिए मैन्युअली फिटनेस कराने का आदेश जारी कर दिया है। -सुनील शर्मा, उपायुक्त परिवहन उत्तराखंड
