{"_id":"6ae2514c08e4e0fa0002c666","slug":"demand-for-the-release-of-pending-mgnrega-payments-and-an-increase-in-the-honorarium-for-village-heads-pradhans-almora-news-c-232-1-alm1019-150441-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: मनरेगा का लंबित भुगतान जारी करने, प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: मनरेगा का लंबित भुगतान जारी करने, प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग
Thu, 29 Oct 2026 01:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान द्वाराहाट विधायक मदन सिंह बिष्ट ने ग्राम प्रधानों की समस्याओं को लेकर पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें मनरेगा का लंबित भुगतान जारी करने, प्रधानों का मानदेय बढ़ाने, पंचायतों को वित्तीय अधिकार देने और विकास कार्य पंचायतों के माध्यम से कराने की मांग की गई।
मांगपत्र में कहा गया कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद पंचायतें वित्तीय संसाधनों की कमी, मानदेय और मनरेगा के भुगतान जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। विधायक ने मनरेगा के तहत पूर्व में कराए गए कार्यों की मजदूरी और सामग्री मद का लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। तकनीकी कारणों से हटाए गए पात्र जॉब कार्ड धारकों के नाम दोबारा दर्ज करने और प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा जनहित से जुड़े भूमि विकास कार्यों को नियमानुसार स्वीकृति देने, पंचायतों को पात्र विभागीय कार्य और अधिकार सौंपने तथा आपदा, आपात स्थिति और विकास कार्यों के लिए पंचायत निधि में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई। मांगपत्र में 10 लाख रुपये तक के स्वीकृत विभागीय कार्य पंचायतों से कराने के लिए उन्हें कार्यदायी संस्था का दर्जा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। विधायक ने ग्राम प्रधानों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से छूटे पात्र गरीब परिवारों को शामिल करने तथा पंचायतों पर कर और निधि से कटौती संबंधी प्रावधानों की समीक्षा कर वित्तीय बोझ कम करने की मांग भी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
मांगपत्र में कहा गया कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद पंचायतें वित्तीय संसाधनों की कमी, मानदेय और मनरेगा के भुगतान जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। विधायक ने मनरेगा के तहत पूर्व में कराए गए कार्यों की मजदूरी और सामग्री मद का लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। तकनीकी कारणों से हटाए गए पात्र जॉब कार्ड धारकों के नाम दोबारा दर्ज करने और प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
इसके अलावा जनहित से जुड़े भूमि विकास कार्यों को नियमानुसार स्वीकृति देने, पंचायतों को पात्र विभागीय कार्य और अधिकार सौंपने तथा आपदा, आपात स्थिति और विकास कार्यों के लिए पंचायत निधि में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई। मांगपत्र में 10 लाख रुपये तक के स्वीकृत विभागीय कार्य पंचायतों से कराने के लिए उन्हें कार्यदायी संस्था का दर्जा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। विधायक ने ग्राम प्रधानों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से छूटे पात्र गरीब परिवारों को शामिल करने तथा पंचायतों पर कर और निधि से कटौती संबंधी प्रावधानों की समीक्षा कर वित्तीय बोझ कम करने की मांग भी की।
विज्ञापन