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Almora News: उत्तराखंड के मशहूर लोक गायक दीवान कनवाल नहीं रहे
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड की लोक संस्कृति को अपने गीतों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय बनाने वाले प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने तड़के पारखोला खत्याड़ी स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली। वह 65 वर्ष के थे।
लोक गायक दीवान कनवाल पिछले तीन सप्ताह से बीमार चल रहे थे। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में छह मार्च को उनका किडनी से संबंधित ऑपरेशन हुआ जिसके बाद उन्हें परिजन आठ मार्च को अल्मोड़ा ले आए। बुधवार की सुबह 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे अपनी माता रेवती कनवाल, दो पुत्र कमलेश कनवाल और विक्रम कनवाल सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की सूचना मिलने पर अल्मोड़ा सहित उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। उनके चाहने वालों का हुजूम उनके आवास में अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ा। उनका छोटा पुत्र विक्रम नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत है। उसके अल्मोड़ा पहुंचने के बाद अंतिम यात्रा शाम को उनके आवास से बेतालेश्वर श्मशान घाट के लिए निकली। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों सहित कलाकारों, रंगकर्मियों और उनके चाहने वालों ने उन्हें नम आंखों से विदा किया। वहां जीवन सिंह, देव सिंह चौहान, गोकुल बिष्ट, शैलेंद्र टम्टा, हरीश बिष्ट, अनिल मेर, बच्ची सिंह बोरा, विवेक कनवाल, मदन सिंह कनवाल, सूरज कनवाल, कमलेश कनवाल आदि मौजूद रहे।
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लोक गायक कनवाल के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल के निधन पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीवान कनवाल ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीवान कनवाल का निधन उत्तराखंड की लोक कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
लोक गायक दीवान कनवाल पिछले तीन सप्ताह से बीमार चल रहे थे। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में छह मार्च को उनका किडनी से संबंधित ऑपरेशन हुआ जिसके बाद उन्हें परिजन आठ मार्च को अल्मोड़ा ले आए। बुधवार की सुबह 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे अपनी माता रेवती कनवाल, दो पुत्र कमलेश कनवाल और विक्रम कनवाल सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की सूचना मिलने पर अल्मोड़ा सहित उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। उनके चाहने वालों का हुजूम उनके आवास में अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ा। उनका छोटा पुत्र विक्रम नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत है। उसके अल्मोड़ा पहुंचने के बाद अंतिम यात्रा शाम को उनके आवास से बेतालेश्वर श्मशान घाट के लिए निकली। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों सहित कलाकारों, रंगकर्मियों और उनके चाहने वालों ने उन्हें नम आंखों से विदा किया। वहां जीवन सिंह, देव सिंह चौहान, गोकुल बिष्ट, शैलेंद्र टम्टा, हरीश बिष्ट, अनिल मेर, बच्ची सिंह बोरा, विवेक कनवाल, मदन सिंह कनवाल, सूरज कनवाल, कमलेश कनवाल आदि मौजूद रहे।
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लोक गायक कनवाल के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल के निधन पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीवान कनवाल ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीवान कनवाल का निधन उत्तराखंड की लोक कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।