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Almora News: जंगली जानवरों के दहशत से चौपट हो रही खेती
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक के टूनाकोट, तिपोला, मंडलकोट, बिल्लेख, चापड़ सहित कई गांवों में फूलगोभी, पत्तागोभी, शिमला मिर्च, बीन, हरी मिर्च, आलू और प्याज समेत विभिन्न सब्जियों की बंपर पैदावार होती है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों की आजीविका भी सब्जी उत्पादन पर ही निर्भर है, लेकिन लंबे समय से जंगली जानवर खेतीबाड़ी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं।
किसानों का कहना है कि जंगली सूअर, खरगोश, मोर और बंदर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को रौंद देते हैं, जिससे तैयार फसल बर्बाद हो रही है। कई गांवों में किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं और रोजगार की तलाश में शहरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे खेत बंजर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने खेती को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसान सुरक्षित तरीके से खेती कर सकें और युवा वर्ग भी कृषि को आय का बेहतर साधन बना सके।
कोट...
जंगली जानवरों के साथ ही बंदरों की बढ़ती संख्या ने खेतीबाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आय का एकमात्र साधन भी प्रभावित हो रहा है। : कृपाल सिंह मेहरा, किसान
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जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से युवा वर्ग खेती से दूर होता जा रहा है, लगातार नुकसान के कारण किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और पलायन की स्थिति भी बढ़ रही है। : सुनील मेहरा, किसान टूनाकोट
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- क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर विभाग गंभीर है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग, तारबाड़ और अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में समय-समय पर वन विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं। स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जायेंगे : तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत
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किसानों का कहना है कि जंगली सूअर, खरगोश, मोर और बंदर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को रौंद देते हैं, जिससे तैयार फसल बर्बाद हो रही है। कई गांवों में किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं और रोजगार की तलाश में शहरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे खेत बंजर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने खेती को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसान सुरक्षित तरीके से खेती कर सकें और युवा वर्ग भी कृषि को आय का बेहतर साधन बना सके।
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कोट...
जंगली जानवरों के साथ ही बंदरों की बढ़ती संख्या ने खेतीबाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आय का एकमात्र साधन भी प्रभावित हो रहा है। : कृपाल सिंह मेहरा, किसान
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जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से युवा वर्ग खेती से दूर होता जा रहा है, लगातार नुकसान के कारण किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और पलायन की स्थिति भी बढ़ रही है। : सुनील मेहरा, किसान टूनाकोट
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- क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर विभाग गंभीर है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग, तारबाड़ और अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में समय-समय पर वन विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं। स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जायेंगे : तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत