{"_id":"6a30385addb7df76230aa935","slug":"kainchi-dham-foundation-day-route-diversion-upsets-passengers-causes-commotion-almora-news-c-232-1-shld1002-144819-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: कैंची धाम स्थापना दिवस... रूट डायवर्जन से यात्री परेशान, हंगामा हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: कैंची धाम स्थापना दिवस... रूट डायवर्जन से यात्री परेशान, हंगामा हुआ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। बाबा नीब करौरी महाराज के पावन धाम कैंची धाम के स्थापना दिवस पर लागू किया गया रूट डायवर्जन श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए भारी मुसीबत बन गया। सोमवार को तीसरे दिन भी रूट डायवर्ट रहने के कारण कैंची मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वाहनों को वाया रामगढ़ भेजे जाने के कारण अल्मोड़ा बस स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों को बसों व टैक्सियों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
स्थापना दिवस और मेले के चलते अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम के लिए रवाना हुए लेकिन प्रशासन के रूट प्लान और वाहन चालकों की मनमानी ने उनकी राह मुश्किल कर दी। बस और टैक्सी चालकों ने बीच रास्ते (कैंची धाम) की सवारियां बैठाने से साफ इनकार कर दिया जिससे स्टेशन पर यात्रियों और चालकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
50 किमी का अतिरिक्त चक्कर और महंगे किराए की मार
अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाली केमू, रोडवेज बसों और टैक्सियों को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय वाया रामगढ़ होकर भेजा गया। इस रूट डायवर्जन के कारण वाहनों को करीब 50 किलोमीटर का अतिरिक्त लंबा चक्कर लगाना पड़ा। सफर लंबा होने का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ा। इस पर बस चालकों ने प्रति यात्री ₹50 और टैक्सी चालकों ने ₹200 रुपये तक का अतिरिक्त किराया वसूला।
विज्ञापन
वीकेंड पर थमी रफ्तार, समय पर नहीं पहुंचे यात्री
सप्ताहांत होने के कारण रामगढ़ मार्ग पर भी वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। जगह-जगह लगे जाम और लंबे रास्ते की वजह से यात्री अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। दूर-दराज से आए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को स्टेशन पर ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
क्या बोले परेशान यात्री
- कैंची धाम जाने के लिए सुबह से कोई वाहन तैयार नहीं मिल रहा है। हद तो तब हो गई जब चालकों और परिचालकों ने आधे रास्ते की सवारी बैठाने से ही मना कर दिया। प्रशासन को मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष बसों का इंतजाम करना चाहिए था। - मोहन सिंह, स्थानीय यात्री, अल्मोड़ा
- कैंची मंदिर के स्थापना दिवस मेले में शामिल होने के लिए मैं पिछले एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूँ। गाड़ियां तो खड़ी हैं, लेकिन चालक बीच रास्ते की सवारी ले जाने को राजी नहीं हैं। हम बेहद परेशान हैं। - सुरेंद्र शर्मा, श्रद्धालु, अल्मोड़ा
स्थापना दिवस और मेले के चलते अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम के लिए रवाना हुए लेकिन प्रशासन के रूट प्लान और वाहन चालकों की मनमानी ने उनकी राह मुश्किल कर दी। बस और टैक्सी चालकों ने बीच रास्ते (कैंची धाम) की सवारियां बैठाने से साफ इनकार कर दिया जिससे स्टेशन पर यात्रियों और चालकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
50 किमी का अतिरिक्त चक्कर और महंगे किराए की मार
अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाली केमू, रोडवेज बसों और टैक्सियों को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय वाया रामगढ़ होकर भेजा गया। इस रूट डायवर्जन के कारण वाहनों को करीब 50 किलोमीटर का अतिरिक्त लंबा चक्कर लगाना पड़ा। सफर लंबा होने का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ा। इस पर बस चालकों ने प्रति यात्री ₹50 और टैक्सी चालकों ने ₹200 रुपये तक का अतिरिक्त किराया वसूला।
वीकेंड पर थमी रफ्तार, समय पर नहीं पहुंचे यात्री
सप्ताहांत होने के कारण रामगढ़ मार्ग पर भी वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। जगह-जगह लगे जाम और लंबे रास्ते की वजह से यात्री अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। दूर-दराज से आए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को स्टेशन पर ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
क्या बोले परेशान यात्री
- कैंची धाम जाने के लिए सुबह से कोई वाहन तैयार नहीं मिल रहा है। हद तो तब हो गई जब चालकों और परिचालकों ने आधे रास्ते की सवारी बैठाने से ही मना कर दिया। प्रशासन को मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष बसों का इंतजाम करना चाहिए था। - मोहन सिंह, स्थानीय यात्री, अल्मोड़ा
- कैंची मंदिर के स्थापना दिवस मेले में शामिल होने के लिए मैं पिछले एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूँ। गाड़ियां तो खड़ी हैं, लेकिन चालक बीच रास्ते की सवारी ले जाने को राजी नहीं हैं। हम बेहद परेशान हैं। - सुरेंद्र शर्मा, श्रद्धालु, अल्मोड़ा