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Almora: जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग की बाघ के हमले में मौत, क्षत-विक्षप्त शव बरामद; क्षेत्र में बढ़ी दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Tue, 31 Mar 2026 06:54 PM IST
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सार
अल्मोड़ा के मौलेखाल क्षेत्र स्थित मोहान रेंज के तड़म (बेलम) गांव में बाघ के हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है।
जंगल में रेस्क्यू करते वन विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अल्मोड़ा के मौलेखाल कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मोहान रेंज के तड़म (बेलम) गांव के एक बुजुर्ग को बाघ ने मार डाला। बुजुर्ग लकड़ी लेने जंगल के लिए निकले थे। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ट्रेंकुलाइजिंग गन, पिंजरा, ड्रोन आदि उपकरण सहित मौके पर पहुंची और क्षत-विक्षप्त शव को कब्जे में ले लिया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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तड़म (बेलम) गांव के खीम सिंह (60) रोजाना लकड़ी, घास आदि लेने जंगल जाते थे। मंगलवार को भी रोजाना की तरह वह सुबह करीब सात बजे लकड़ी लेने घर से जंगल की ओर निकले लेकिन वापस घर नहीं लौटे। ग्रामीणों ने बताया बुजुर्ग रोजाना 10 बजे तक घर वापस लौट आते थे लेकिन 11 बजे तक भी वह वापस नहीं लौटे तो पत्नी मुन्नी देवी की चिंता बढ़ गई। पत्नी ने गांव वालों को साथ लेकर खोजबीन शुरू कर दी। घर से थोड़ी ही दूरी पर एक ग्रामीण को खून के कुछ धब्बे दिखाई देने से किसी अनहोनी का शक गहराते ही खीम सिंह की गहन तलाशी शुरू कर दी गई। थोड़ी दूरी पर ही घर से करीब एक किमी दूर घने जंगल में खीम सिंह का क्षत-विक्षप्त हालत में शव बरामद हो गया। घटनास्थल पर लोगों को शव का सिर और टांगे ही मिली हैं, बाकी शरीर के बीच के हिस्से को बाघ ने बुरी तरह खाने के बाद क्षत-विक्षप्त हालत में ऐसे ही छोड़ दिया।
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ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोहान रेंज के रेंजर गंगा शरण अपनी टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। दूसरी तरफ सूचना मिलते ही जिला प्रशासन से एसडीएम रिंकु बिष्ट और तहसीलदार आबिद अली भी टीम के साथ रवाना हो गए। शव को वन विभाग ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक का बड़ा बेटा गिरीश चंद्र सिंह और छोटा बेटा रमेश चंद्र सिंह है। दोनों बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में पत्नी, एक बहु को मिलाकर कुल तीन लोग रहते हैं।
तड़म और आसपास बनी है बाघ की दहशत
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटा होने के कारण तड़म गांव और आसपास हमेशा बाघ का आतंक बना रहता है। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को भी दी थी। इससे पहले भी करीब तीन महीने पहले दिसंबर माह में तल्ला सल्ट के तड़म गांव से करीब 20 किमी दूरी पर खोल्यो क्यारी गांव में एक बुजुर्ग महिला को बाघिन ने अपना निवाला बना लिया था जो रामनगर क्षेत्र के भलोन में रेसक्यू कर ली गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक तड़म क्षेत्र के आसपास बाघ का हमेशा आतंक बना रहता है। जिसकी सूचना कई बार वन विभाग को दी गई है।
शव को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वन कर्मियों की टीम ने गश्त कर हमलावर को रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों को अकेले जंगल में ना जाने और अंधेरे में घर से बाहर ना निकलने के साथ-साथ सतर्क रहने की सलाह दी है।-गंगा शरण, वन क्षेत्राधिकारी मोहान रेंज