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Almora News: उफ ये लाइन... तहसील में खतौनी निकालने के लिए लग रही कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:30 PM IST
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बागेश्वर। जिले में इन दिनों फार्मर रजिस्ट्री के लिए राजस्व क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों को खतौनी, आधार कार्ड आदि दस्तावेज लेकर जाना है, लेकिन इन दस्तावेजों को जुटाने में किसानों को पसीना बहाना पड़ रहा है। खतौनी निकालने के लिए तहसील में लाइन लग रही है। शिविर में पंजीकरण कराने के लिए भी लंबी लाइन लगानी पड़ रही है।
एक ओर देश में डिजिटल युग में एक क्लिक में सभी सुविधाएं मुहैया कराने की बात होती है। सरकारी काम के लिए लगने वाली लाइन इसे झुठलाती नजर आती है। शनिवार को तहसील में खतौनी कार्यालय के आगे खतौनी निकालने के लिए लंबी लाइन लगी रही। यही हाल प्राथमिक विद्यालय अमसरकोट में पंजीकरण कराने के लिए आयोजित शिविर में भी दिखाई दिया। शिविर में सर्वर की सुस्त गति और भीड़ नियंत्रण के लिए नाकाफी इंतजाम परेशानी बढ़ा रहे थे। केवल दो कर्मचारियों के सहारे आयोजित शिविर में लोगाें की भीड़ अनियंत्रित हो रही थी। हाथोंहाथ काम होने की उम्मीद लेकर पहुंचे ग्रामीणों का धैर्य देरी होने पर जवाब दे रहा था। खतौनी खिड़की के बाहर भी लंबी कतार लगी थी। लोगों का कहना थाा कि ऑनलाइन खतौनी की प्रक्रिया जटिल होने और गांवों में सर्वर नहीं चलने के कारण लोग सीधे तहसील की खिड़की पर लाइन लगाने को मजबूर हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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........कोट
गांव में चर्चा है कि अंश निर्धारण के समय खतौनी की आवश्यकता है जिसके चलते यहां पहुंचे हैं। सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में प्रशासन ने खिड़की पर ऑपरेटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए। - लक्ष्तीदत्त, निवासी कौलाग
सत्यापन की अंतिम तारीख करीब है और खतौनी अनिवार्य है। हमारे गांव से दर्जनों लोग आज तहसील आए हैं। यहां न बैठने की जगह है और न ही पानी की सुविधा। प्रशासन को जब पता है कि भीड़ बढ़ेगी, तो खिड़कियां बढ़ानी चाहिए। - सुरेश चंद्र, निवासी बोरगांव,
.........कोट
गांव के सीएससी सेंटर जाओ तो वहां लिंक नहीं मिलता, तहसील आओ तो यहां पैर रखने की जगह नहीं। सुबह से लाइन में खड़े-खड़े बुजुर्गों की हालत खराब है। अगर ऑनलाइन खतौनी आसानी से निकलती, तो हमें इतनी दूर तहसील नहीं आना पड़ता। - विनोद कांडपाल, निवासी काकड़ा,
.........कोट
खाता खतौनी निकालने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी जिले में चालू है। खाताधारक स्वयं या फिर नजदीकी सीएससी में जाकर निर्धारित ई-पेमेंट कर खतौनी निकाल सकते हैं। अमसरकोट वाले मामले में सर्वर स्लो होने की बात आ रही है, जिसे ठीक करने के लिए संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। तहसील में भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - प्रियंका रानी एसडीएम बागेश्वर
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गांव में चर्चा है कि अंश निर्धारण के समय खतौनी की आवश्यकता है जिसके चलते यहां पहुंचे हैं। सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में प्रशासन ने खिड़की पर ऑपरेटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए। - लक्ष्तीदत्त, निवासी कौलाग
सत्यापन की अंतिम तारीख करीब है और खतौनी अनिवार्य है। हमारे गांव से दर्जनों लोग आज तहसील आए हैं। यहां न बैठने की जगह है और न ही पानी की सुविधा। प्रशासन को जब पता है कि भीड़ बढ़ेगी, तो खिड़कियां बढ़ानी चाहिए। - सुरेश चंद्र, निवासी बोरगांव,
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गांव के सीएससी सेंटर जाओ तो वहां लिंक नहीं मिलता, तहसील आओ तो यहां पैर रखने की जगह नहीं। सुबह से लाइन में खड़े-खड़े बुजुर्गों की हालत खराब है। अगर ऑनलाइन खतौनी आसानी से निकलती, तो हमें इतनी दूर तहसील नहीं आना पड़ता। - विनोद कांडपाल, निवासी काकड़ा,
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खाता खतौनी निकालने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी जिले में चालू है। खाताधारक स्वयं या फिर नजदीकी सीएससी में जाकर निर्धारित ई-पेमेंट कर खतौनी निकाल सकते हैं। अमसरकोट वाले मामले में सर्वर स्लो होने की बात आ रही है, जिसे ठीक करने के लिए संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। तहसील में भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - प्रियंका रानी एसडीएम बागेश्वर
