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Almora News: ताड़ीखेत में 80 लाख की सोलर लाइटों की खरीद की होगी जांच
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड ताड़ीखेत में वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य वित्त और केंद्र वित्त से स्वीकृत 80 लाख रुपये से अधिक की सोलर लाइटों के कार्यों में वित्तीय अनियमितता व सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच शुरू हो गई है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्राम जैनोली खुशाल सिंह मेहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से डीएम अंशुल सिंह को शिकायती पत्र सौंपा गया था जिसमें सोलर लाइटों की खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम अंशुल सिंह ने जांच समिति का गठन किया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में मुख्य कोषाधिकारी अल्मोड़ा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड रानीखेत, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन रानीखेत और तहसीलदार रानीखेत को सदस्य नामित किया गया है।
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समिति को सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने तक डीएम ने संबंधित सोलर लाइट कार्यों के लिए जारी होने वाले किसी भी प्रकार के कार्यादेश और भुगतान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।
ताड़ीखेत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद बढ़ी सियासी तकरार
- ब्लॉक प्रमुख ने आरोपों को बताया निराधार, बोले- किसी क्षेत्र के साथ नहीं हुआ भेदभाव
रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड ताड़ीखेत में वर्ष 2025-26 के सोलर लाइट एवं अन्य विकास कार्यों में अनियमितता व भेदभाव के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों की शिकायत पर जहां डीएम ने जांच समिति गठित कर कार्यादेश और भुगतान पर रोक लगा दी है वहीं ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत बबली मेहरा ने आरोपों को निराधार बताया।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि जिन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं उन्हीं क्षेत्रों में इस वर्ष विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं जिनमें से कई कार्य पूर्ण भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जैनोली, गंगौड़ा और मकडौ में तीन-तीन कार्य, पापड़ा में दो और झलौड़ी में सोलर लाइट के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे में भेदभाव के आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्य गांवों की आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं न कि किसी पक्षपात के तहत।
सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञापनों में लगाए गए आरोपों का तथ्यात्मक जवाब संबंधित अधिकारियों को भेजा जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि प्रशासनिक जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
करीबियों को काम नहीं मिलने पर लगाए जा रहे भेदभाव के आरोप : ब्लॉक प्रमुख
ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में केवल मकडौ क्षेत्र पंचायत में ही 20 लाख रुपये से अधिक की सोलर लाइटें स्वीकृत हुई थीं तब किसी ने अनियमितता या भेदभाव का मुद्दा नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्य इसलिए भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं क्योंकि उनके क्षेत्रों में स्वीकृत कार्य उनके करीबियों को नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि सभी स्वीकृत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित लोगों को गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के लगाए जा रहे आरोप उचित नहीं हैं। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी ताड़ीखेत तारा चंद्र आदि मौजूद थे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्राम जैनोली खुशाल सिंह मेहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से डीएम अंशुल सिंह को शिकायती पत्र सौंपा गया था जिसमें सोलर लाइटों की खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम अंशुल सिंह ने जांच समिति का गठन किया है।
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जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में मुख्य कोषाधिकारी अल्मोड़ा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड रानीखेत, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन रानीखेत और तहसीलदार रानीखेत को सदस्य नामित किया गया है।
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समिति को सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने तक डीएम ने संबंधित सोलर लाइट कार्यों के लिए जारी होने वाले किसी भी प्रकार के कार्यादेश और भुगतान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।
ताड़ीखेत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद बढ़ी सियासी तकरार
- ब्लॉक प्रमुख ने आरोपों को बताया निराधार, बोले- किसी क्षेत्र के साथ नहीं हुआ भेदभाव
रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड ताड़ीखेत में वर्ष 2025-26 के सोलर लाइट एवं अन्य विकास कार्यों में अनियमितता व भेदभाव के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों की शिकायत पर जहां डीएम ने जांच समिति गठित कर कार्यादेश और भुगतान पर रोक लगा दी है वहीं ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत बबली मेहरा ने आरोपों को निराधार बताया।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि जिन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं उन्हीं क्षेत्रों में इस वर्ष विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं जिनमें से कई कार्य पूर्ण भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जैनोली, गंगौड़ा और मकडौ में तीन-तीन कार्य, पापड़ा में दो और झलौड़ी में सोलर लाइट के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे में भेदभाव के आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्य गांवों की आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं न कि किसी पक्षपात के तहत।
सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञापनों में लगाए गए आरोपों का तथ्यात्मक जवाब संबंधित अधिकारियों को भेजा जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि प्रशासनिक जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
करीबियों को काम नहीं मिलने पर लगाए जा रहे भेदभाव के आरोप : ब्लॉक प्रमुख
ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में केवल मकडौ क्षेत्र पंचायत में ही 20 लाख रुपये से अधिक की सोलर लाइटें स्वीकृत हुई थीं तब किसी ने अनियमितता या भेदभाव का मुद्दा नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्य इसलिए भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं क्योंकि उनके क्षेत्रों में स्वीकृत कार्य उनके करीबियों को नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि सभी स्वीकृत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित लोगों को गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के लगाए जा रहे आरोप उचित नहीं हैं। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी ताड़ीखेत तारा चंद्र आदि मौजूद थे।