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Uttarakhand: बाघ की दहशत से तीन स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई पर बनी सहमति; महिपाल-शालिनी की मौत के बाद बढ़ी दहशत

Tue, 11 Aug 2026 12:27 AM IST
Heera मोहित कुमार गोयल
मोहित कुमार गोयल Published by: Heera Updated Tue, 11 Aug 2026 12:27 AM IST
सार

मौलेखाल के तल्ला सल्ट के तड़म व आसपास के गांवों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का असर अब बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है। दहशत के कारण तीन राजकीय स्कूल बंद कर दिए गए है।

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Three schools closed due to tiger scare in Maulekhaal almora
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

 

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मौलेखाल के तल्ला सल्ट के तड़म और आसपास के गांवों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का असर अब बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर होने लगा है। दहशत के कारण राजकीय प्राथमिक विद्यालय घजीरा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौरड़ा और राजकीय जूनियर हाइस्कूल घजीरा को हालात सामान्य होने तक बंद कर दिया गया है।

क्षेत्र में वन्यजीव के हमले में बौरङा तोक निवासी महिपाल सिंह और डबरा सौराल में शालिनी की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।सोमवार को बौरड़ा विद्यालय में शिक्षकों और अभिभावकों की बैठक हुई। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए सभी की सहमति से विद्यालय बंद रखने का फैसला लिया गया। एसएमसी अध्यक्ष हीरा देवी ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक शिक्षक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ और अन्य जंगली जानवर घरों के आसपास तक पहुंच रहे हैं। बाघ की दहशत के कारण स्कूलों पर लगातार ताले लग रहे हैं। कई जगहों पर नेटवर्क सही नहीं होने से ऑनलाइन पढ़ाई भी नियमित रूप से संभव नहीं हो पा रही है।

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सुरक्षा नहीं मिली तो पलायन ही रास्ता
अभिभावकों का कहना है कि वन विभाग बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था भी नहीं कर पाया है। प्रशासन और वन विभाग के आश्वासन के भरोसे बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। ऐसे हालात में नीचे शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करना ही एकमात्र रास्ता नजर आ रहा है। बाघ की दहशत का असर ग्रामीणों की आजीविका पर भी पड़ा है। कई लोगों ने अपनी गाय-भैंस समेत पालतू पशु तक बेच दिए हैं। पशुपालन से होने वाली आय खत्म होने के बाद ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जान और बच्चों का भविष्य दोनों खतरे में हों तो गांव छोड़ना मजबूरी बन जाता है।

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तड़म ग्रामसभा के बाघ प्रभावित तीन विद्यालयों के अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए स्थिति सामान्य होने तक विद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शिक्षक अन्य विद्यालयों में रहकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराएंगे। बच्चों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हरेंद्र शाह, खंड शिक्षा अधिकारी सल्ट

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