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Almora News: सिंगोली में दो भालू दिखने से ग्रामीण सहमे
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में पहले से तेंदुए की सक्रियता के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है। अब गनियाद्योली अनुभाग के अंतर्गत ग्राम सिंगोली में भालू दिखने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। गांव के आसपास दो भालू देखे जाने और पंजों के निशान मिलने से लोग भयभीत हैं।
ग्रामीण अरविंद परमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव के पास स्थित नाले के आसपास दो भालू नजर आए थे। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भालू के पंजों के निशान भी मिले हैं जिससे खतरे की आशंका और गहरा गई है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने बुधवार को क्षेत्र में गश्त कर हालात का जायजा लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों से शाम के समय अकेले बाहर न निकलने और बच्चों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
इस दौरान वन दरोगा होश्यार नाथ गोस्वामी, बीट अधिकारी नवीन चंद्र तिवारी, भूपाल मेहता तथा बीट प्रभारी अमर सिंह सहित वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
कोट
क्षेत्र में भालू देखे जाने की सूचना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी प्रकार की वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। -तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत
जंगल की आग से बदल रहा वन्यजीवों का व्यवहार
रानीखेत। जंगलों में लगातार लग रही आग का असर अब साफ तौर पर वन्यजीवों के व्यवहार पर दिखने लगा है। आग से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं जिससे वे भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ लोचन बिष्ट का कहना है कि आग के कारण वन्यजीवों के लिए जंगल में रहना कठिन होता जा रहा है इसलिए वे गांवों और बस्तियों के करीब पहुंच रहे हैं जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी माना है कि जंगलों में लगातार लग रही आग के चलते वन्यजीव अपने आवास छोड़ने को मजबूर हैं और आबादी की ओर आ रहे हैं।
ग्रामीण अरविंद परमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव के पास स्थित नाले के आसपास दो भालू नजर आए थे। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भालू के पंजों के निशान भी मिले हैं जिससे खतरे की आशंका और गहरा गई है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने बुधवार को क्षेत्र में गश्त कर हालात का जायजा लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों से शाम के समय अकेले बाहर न निकलने और बच्चों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
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इस दौरान वन दरोगा होश्यार नाथ गोस्वामी, बीट अधिकारी नवीन चंद्र तिवारी, भूपाल मेहता तथा बीट प्रभारी अमर सिंह सहित वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
कोट
क्षेत्र में भालू देखे जाने की सूचना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी प्रकार की वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। -तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत
जंगल की आग से बदल रहा वन्यजीवों का व्यवहार
रानीखेत। जंगलों में लगातार लग रही आग का असर अब साफ तौर पर वन्यजीवों के व्यवहार पर दिखने लगा है। आग से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं जिससे वे भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ लोचन बिष्ट का कहना है कि आग के कारण वन्यजीवों के लिए जंगल में रहना कठिन होता जा रहा है इसलिए वे गांवों और बस्तियों के करीब पहुंच रहे हैं जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी माना है कि जंगलों में लगातार लग रही आग के चलते वन्यजीव अपने आवास छोड़ने को मजबूर हैं और आबादी की ओर आ रहे हैं।
