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Bageshwar News: आंधी में टूटे मकान का मिला मुआवजा 6500 रुपये

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:30 PM IST
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6500 rupees compensation for the house damaged in the storm
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जनता दरबार में दर्ज हुईं 25 शिकायतें, सड़क, बिजली तारों की समस्याएं उठीं

संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। सीडीओ आरसी तिवारी की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में जनसुनवाई हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क, विद्युत व्यवस्था, राजस्व और आपदा न्यूनीकरण से जुड़ी कुल 25 समस्याएं दर्ज कराईं।
इस दौरान भतौड़ा निवासी भुवन चद्र उपाध्याय ने बताया कि उसका बीती 28 अप्रैल को आंधी से मकान क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन मुआवजे के तौर पर सिर्फ 6500 रुपये मिले जिससे वह मकान नहीं बना सकता। इसलिए तीसरी बार आर्थिक मदद की गुहार लगाने के लिए आया हूं।
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सीडीओ तिवारी ने जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की जाए। बैठक में एडीएम एनएस नबियाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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ग्रामीणों की पीड़ा
हमारे क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए 82.78 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बावजूद 5-6 साल से हमें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। आज फिर आने पर छह-सात महीने का समय और बताया गया है। हर बार इस तरह प्रस्तावों में ही समय बीत जाएगा, तो विकास कैसे होगा। दीवान सिंह गढ़िया, निवासी ओखलसों


- हमारे गांव में बिजली के मीटर लगे करीब 18 साल हो चुके हैं लेकिन आज तक विभाग ने लाइनों की देखरेख नहीं की है। क्षेत्र में हाई पावर बिजली की लाइनें बेहद नीचे तक लटक रही हैं जिसकी चपेट में आने से कई मवेशी जान गंवा चुके हैं। इस गंभीर खतरे की ओर विभाग का कोई ध्यान नहीं है। - चंचल राम, ग्रामीण


आश्वासन पर नहीं हुआ काम, पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचा
जनता दरबार में अधिकारियों और कर्मचारियों में मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। जनता दरबार में समस्याओं का समाधान न होने और अधिकारियों की कथित लापरवाही से तंग आकर एक युवक आत्मदाह की नीयत से पेट्रोल की बोतल लेकर जिला कार्यालय पहुंच गया। युवक के हाथ में पेट्रोल की बोतल देख वहां मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों में अफरातफरी मच गई।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के उपाध्यक्ष भूपेंद्र कोरंगा ने बताया कि जिला पंचायत क्षेत्र शामा की 10 सूत्री मांगों को लेकर बीते अप्रैल में वह 12 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया था। आरोप है कि दो महीने बाद भी केवल दो मांगों पर ही काम हुआ है जबकि शेष आठ मांगों पर लापरवाही बरती जा रही है। उसने बताया कि वे बार-बार के ढकोसलों से थक चुके हैं।
मौके पर अधिकारियों ने कपकोट एसडीएम के साथ वार्ता कर आश्वासन दिया कि अगले चार-पांच दिनों के भीतर संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यवाही की जाएगी। इस भरोसे के बाद युवक शांत हुआ, चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। संवाद
........फोटो 22 बीजीएस 11 पी

दीवान सिंह गढ़िया, निवासी ओखलसों, फोटो 22 बीजीएस 05 पी



चंचल राम, ग्रामीण, फोटो 22 बीजीएस 06 पी
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