Bageshwar: जैसर में अज्ञात बीमारी से एक और भैंस की मौत, पशुओं की अचानक हुई मौतों से सहमे ग्रामीण
बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक के जैसर क्षेत्र में पशुओं में फैली एक अज्ञात बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बीमारी की चपेट में आने से मरने वाली भैंसों का आंकड़ा अब बढ़कर तीन हो गया है।
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बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक के जैसर क्षेत्र में पशुओं में फैली एक अज्ञात बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बीमारी की चपेट में आने से मरने वाली भैंसों का आंकड़ा अब बढ़कर तीन हो गया है। पशुपालक प्रताप सिंह की एक और भैंस इसी बीमारी से ग्रसित थी। घटना की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बीमार पशु के उपचार का प्रयास किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद भैंस को बचाया नहीं जा सका और बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में पशुपालन विभाग इस अज्ञात बीमारी को सर्रा मानकर उसका इलाज कर रहा था लेकिन लगातार हो रही मौतों और गंभीर स्थिति को देखते हुए विभाग ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब पशुपालन विभाग की ओर से कुमाऊं निदेशक को आधिकारिक पत्र भेजा गया है जिसमें पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय से पशु विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को तुरंत क्षेत्र में बुलाने का अनुरोध किया गया है ताकि बीमारी के सही कारणों का समय रहते खुलासा किया जा सके।
वर्तमान में दो और भैंसें हैं गंभीर रूप से बीमार
पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस समय सीर और जैसर क्षेत्र में एक-एक भैंस और बीमार है जिनका स्थानीय चिकित्सकों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है। विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं और बीमार पशुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अचानक हुई इन मौतों से ग्रामीणों में डर है और पशुधन बचाने के लिए विभागीय स्तर पर त्वरित और पुख्ता कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।
जैसर और आसपास के क्षेत्र में अब तक तीन भैंसों की मौत हो चुकी है। प्रथम दृष्टया लक्षणों के आधार पर इसे सर्रा बीमारी मानकर इलाज किया जा रहा था लेकिन अब सटीक कारणों का पता लगाने के लिए कुमाऊं निदेशक को पत्र भेजकर पंतनगर से विशेषज्ञों की टीम भेजने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान में सीर और जैसर में एक-एक बीमार भैंस का उपचार चल रहा है। - डॉ. पंकज जोशी, डिप्टी सीवीओ, बागेश्वर