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बागेश्वर: कपकोट में दिखा प्रवासी पक्षी गैडवाल का झुंड, बर्ड वॉचर ने अपने कैमरे में कैद की तस्वीरें

Thu, 29 Oct 2026 11:26 AM IST
गायत्री जोशी कमल कांडपाल
कमल कांडपाल Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 29 Oct 2026 11:26 AM IST
सार

बागेश्वर में सर्दियों की आहट के साथ कपकोट की सरयू नदी में प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। यहां गैडवाल बत्तख के 15 पक्षियों का झुंड दिखाई दिया है, जिसे बर्ड वॉचर डॉ. दीपक कुमार ने कैमरे में कैद किया।

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flock of migratory Gadwall ducks spotted in Kapkot; images captured on camera
कपकोट में हवा में उड़ान भरता प्रवासी पक्षी गैडवाल का झुंड। - फोटो : बर्ड वॉचर

विस्तार

बागेश्वर में सर्दियों की आहट के साथ ही पर्वतीय जिलों में विदेशी मेहमानों (प्रवासी पक्षियों) का आना शुरू हो गया है। कपकोट क्षेत्र में सरयू नदी में इन दिनों प्रवासी पक्षी गैडवाल का एक सुंदर झुंड दिखाई दिया है। नदी के ठंडे पानी में तैरते इन विदेशी परिंदों को प्राध्यापक और जाने-माने बर्ड वॉचर डॉ. दीपक कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया है जिससे क्षेत्र की जैव विविधता एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

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विशेषज्ञों के अनुसार गैडवाल बत्तख प्रजाति का एक प्रमुख जलीय प्रवासी पक्षी है। इसकी कई आबादियां रूस, साइबेरिया और उत्तरी यूरेशिया के बर्फीले क्षेत्रों से हर साल सर्दियों के मौसम में अनुकूल जलवायु और भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय कर दक्षिण की ओर रुख करती हैं। भारत की विभिन्न नदियों, झीलों और आर्द्रभूमियों में हर साल ठंड के दिनों में इन पक्षियों की आमद होती है। कपकोट में इनकी मौजूदगी ने स्थानीय प्रकृति प्रेमियों और पक्षी संरक्षकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।

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सरयू नदी में पहुंचे गैडवाल पक्षियों के इस झुंड में कुल 15 पक्षी शामिल हैं जिनमें पांच नर और 10 मादा गैडवाल शामिल हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि कपकोट में सरयू नदी पर इस तरह प्रवासी पक्षियों का पहुंचना इस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और स्वस्थ जलीय परिवेश को दर्शाता है। नदियां और जलस्रोत इन प्रवासी जीवों के लिए शीतकालीन ठहराव के मुख्य ठिकाने होते हैं। बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए यह नजारा बेहद खास है। इन मेहमानों की नियमित आमद यह भी रेखांकित करती है कि नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण कितना जरूरी है ताकि हर साल ये सुंदर परिंदे बेखौफ होकर इन वादियों का रुख कर सकें। 

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