{"_id":"699dea9580ed82438d0f656e","slug":"girjapati-nandan-the-giver-of-success-destroyer-of-obstacles-play-holi-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-122616-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरजापति नंदन...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरजापति नंदन...
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल कोट भ्रामरी मंदिर में चीर बंधन के साथ ही कत्यूर घाटी में खड़ी होली का आगाज हो गया है। क्षेत्रवासियों ने मंदिर में होली गायन किया। मां भ्रामरी को अबीर-गुलाल अर्पित कर होली पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने का आशीर्वाद मांगा।
फाल्गुन की अष्टमी के दिन कोट भ्रामरी मंदिर में हर साल भेटा के लोहुमी बिरादरी के लोग परंपरागत रूप से चीर बंधन करते हैं। मंगलवार को भी गांव के लोगों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर में चीर बंधन किया। इस दौरान होल्यारों ने माता को अबीर-गुलाल अर्पित कर खड़ी होली के गायन की शुरूआत की।
ग्रामीणों ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरजापति नंदन..., आज कन्हैया रंग भरे, रंग की गागर सिर पै धरे... आदि होली गीत गाए। बड़ी संख्या में युवाओं और बुजुर्गों ने कार्यक्रम में भागीदारी की।
ग्रामीणों ने बताया कि सदियों से चली आ रही इस परंपरा का गांव के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी निर्वहन करते आ रहे हैं। चीर बंधन के बाद खड़ी होली गायन शुरू हो गया है। 27 फरवरी को रंग पड़ने के बाद घर-घर जाकर होली गीत गाए जाएंगे।
इस मौके पर वरिष्ठ होल्यार नंदा बल्लभ लोहुमी, बंशीधर लोहुमी, अधिवक्ता पवन लोहुमी, जनार्दन लोहुमी, शेखरानंद लोहुमी, ललित मोहन लोहुमी, कृपाल दत्त लोहुमी आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल कोट भ्रामरी मंदिर में चीर बंधन के साथ ही कत्यूर घाटी में खड़ी होली का आगाज हो गया है। क्षेत्रवासियों ने मंदिर में होली गायन किया। मां भ्रामरी को अबीर-गुलाल अर्पित कर होली पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने का आशीर्वाद मांगा।
फाल्गुन की अष्टमी के दिन कोट भ्रामरी मंदिर में हर साल भेटा के लोहुमी बिरादरी के लोग परंपरागत रूप से चीर बंधन करते हैं। मंगलवार को भी गांव के लोगों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर में चीर बंधन किया। इस दौरान होल्यारों ने माता को अबीर-गुलाल अर्पित कर खड़ी होली के गायन की शुरूआत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरजापति नंदन..., आज कन्हैया रंग भरे, रंग की गागर सिर पै धरे... आदि होली गीत गाए। बड़ी संख्या में युवाओं और बुजुर्गों ने कार्यक्रम में भागीदारी की।
ग्रामीणों ने बताया कि सदियों से चली आ रही इस परंपरा का गांव के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी निर्वहन करते आ रहे हैं। चीर बंधन के बाद खड़ी होली गायन शुरू हो गया है। 27 फरवरी को रंग पड़ने के बाद घर-घर जाकर होली गीत गाए जाएंगे।
इस मौके पर वरिष्ठ होल्यार नंदा बल्लभ लोहुमी, बंशीधर लोहुमी, अधिवक्ता पवन लोहुमी, जनार्दन लोहुमी, शेखरानंद लोहुमी, ललित मोहन लोहुमी, कृपाल दत्त लोहुमी आदि मौजूद रहे।

कमेंट
कमेंट X