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Bageshwar News: आलू के गुटके, भट के डुबके और मडुवे की रोटी से हो रहा सैलानियों का स्वागत
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गरुड़ (बागेश्वर)। मई-जून में महानगरों की गर्मी से बचने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख करने लगे हैं। कौसानी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैलानियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। पर्यटकों की आमद से होटल कारोबार को लाभ मिल रहा है। कारोबारी सैलानियों को कुमाउंनी व्यंजनों का स्वाद चखाने के साथ-साथ यहां की संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। सैलानियों के लिए कुमाउंनी व्यंजन के रूप में आलू के गुटके, भट के डुबके, मडुवे की रोटी विशेष रूप से परोसी जा रही है।
पर्यटन नगरी में ठहरने के लिए करीब 45 होटल, होमस्टे, हट आदि बने हैं। इनका कारोबार यहां आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों पर ही निर्भर करता है। कोरोना से पहले यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते थे। महामारी के बाद से यहां के कारोबारियों को मंदी की मार झेलनी पड़ी।
सैलानियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से होटल एसोसिएशन ने कौसानी कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया था। देश के विभिन्न प्रदेशों से टूर एंड ट्रैवल्स और टूर ऑर्गेनाइजरों को इसमें आमंत्रित कर उनके साथ कौसानी की ब्रांडिंग करने का एमओयू साइन किया गया था। इसका असर दिखने लगा है। कौसानी में इस बार अच्छी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं।
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कोट
ऑनलाइन बुकिंग फिलहाल कम हैं, लेकिन सैलानियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। फोन के माध्यम से सैलानी जून के महीने की बुकिंग की जानकारी ले रहे हैं। आने वाले दिनों में गर्मियों का अवकाश शुरू होगा तो पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। उम्मीद है इस बार कारोबार अच्छा रहेगा।
अनिल बिष्ट, होटल कारोबारी, कौसानी
कोट
कनेक्ट कौसानी का लाभ दिखाई देने लगा है। फिलहाल होटलों में 40 से 50 प्रतिशत तक कमरे बुक हैं। 20 से 31 मई के लिए 90 से 95 प्रतिशत कमरे बुक हो चुके हैं। सैलानियों को कुमाउनी व्यंजन के रूप में आलू के गुटके, भट के डुबके, मडुवे की रोटी विशेष रूप से परोसी जा रही है। आसपास के खूबसूरत वॉटर फॉल और छिपे हुए प्राकृतिक स्थलों की सैर कराने का भी इंतजाम किया गया है।
गजेंद्र सिंह मेहरा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, कौसानी
पर्यटन नगरी में ठहरने के लिए करीब 45 होटल, होमस्टे, हट आदि बने हैं। इनका कारोबार यहां आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों पर ही निर्भर करता है। कोरोना से पहले यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते थे। महामारी के बाद से यहां के कारोबारियों को मंदी की मार झेलनी पड़ी।
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सैलानियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से होटल एसोसिएशन ने कौसानी कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया था। देश के विभिन्न प्रदेशों से टूर एंड ट्रैवल्स और टूर ऑर्गेनाइजरों को इसमें आमंत्रित कर उनके साथ कौसानी की ब्रांडिंग करने का एमओयू साइन किया गया था। इसका असर दिखने लगा है। कौसानी में इस बार अच्छी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं।
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अनिल बिष्ट, होटल कारोबारी, कौसानी
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कनेक्ट कौसानी का लाभ दिखाई देने लगा है। फिलहाल होटलों में 40 से 50 प्रतिशत तक कमरे बुक हैं। 20 से 31 मई के लिए 90 से 95 प्रतिशत कमरे बुक हो चुके हैं। सैलानियों को कुमाउनी व्यंजन के रूप में आलू के गुटके, भट के डुबके, मडुवे की रोटी विशेष रूप से परोसी जा रही है। आसपास के खूबसूरत वॉटर फॉल और छिपे हुए प्राकृतिक स्थलों की सैर कराने का भी इंतजाम किया गया है।
गजेंद्र सिंह मेहरा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, कौसानी