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Chamoli News: देवाल-लोहाजंग मार्ग बंद, 12 हजार की आबादी का कटा संपर्क
Tue, 04 Aug 2026 06:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 04 Aug 2026 06:32 PM IST
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गमलीगाड़ में दलदल में फंसी है कार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। विकासखंड के गमलीगाड़ में मलबा आने से श्री नंदा राजजात व स्टेट हाईवे देवाल-लोहाजंग मार्ग बंद है। गमलीगाड़ में दलदल होने से यहां पर एक कार फंसी हुई है। वहीं देवाल-खेता व हाटकल्याड़ी-सवाड़ मोटर मार्ग बंद होने से इस क्षेत्र का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। ऐसे में करीब 12 हजार से अधिक आबादी परेशान है।
सोमवार की रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से देवाल-खेता मोटर मार्ग गमलीगाड़ में बंद है। यहां पर मलबा से दलदल बना हुआ है। जिस कारण मंगलवार को एक कार दलदल में फंस गई। इस मार्ग के बंद होने से इस क्षेत्र के करीब 12 हजार आबादी का संपर्क कटा है। वहीं दस हजार आबादी को जोड़ने वाला देवाल-खेता मानमती सड़क सुयालकोट में बंद है। यहां पर करीब ढाई सौ मीटर सड़क में मलबा आया है। हालांकि लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए पोकलैन मशीन व एक जेसीबी मशीन लगाई है। लेकिन लगातार मलबा व बोल्डर गिरने से मलबा हटाने का काम बाधित हो रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि मलबा हटाने के लिए जेसीबी व पोकलैन मशीन लगी हुई है। यातायात के लिए शीघ्र सड़क खोल दी जाएगी।
फोटो
30 घंटे से ज्यादा कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग बंद
कर्णप्रयाग। कपीरी पट्टी के 30 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पीपलसेरा के पास पहाड़ी का एक हिस्सा टूटने से 32 घंटों से अधिक समय से बंद पड़ा है। ऐसे में लोनिवि की दो मशीनें पहाड़ी को काटकर मार्ग खोलने में जुटी हैं। यहां ब्रेकर के माध्यम से चट्टान तोड़ी जा रही है। वहीं दूसरी छोर से एक बोल्डर अटका हुआ है जिससे दूसरे छोर से कार्य नहीं हो पा रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि लगातार मार्ग खोलने का कार्य जारी है। पहाड़ी को तोड़ने में समय लग रहा है। एक मशीन पहाड़ी को तोड़ रही है दूसरी मलबे को हटा रही है। जल्द सड़क खोलने का प्रयास किया जाएगा। वहीं सड़क बंद होने से कपीरी पट्टी के ग्रामीणों को सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है। संवाद
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मकान के ऊपर गिरा पेड़ा, लोगों ने भागकर बचाई जान
नारायणबगड़। सोमवार रात करीब 11:30 बजे नारायणबगड़ गांव में एक विशालकाय पेड़ जड़ समेत उखड़कर ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के दो मंजिला मकान के ऊपर जा गिरा। घटना के वक्त सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक हुई इस घटना से घर के सभी लोग और गांव के अन्य लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन मकान और उससे लगी गोशाला और रसाई की दीवारों व छतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
वहींपेड़ गिरने से नारायणबगड़-परखाल मार्ग भी रात में बंद हो गया था। मंगलवार सुबह राजस्व उपनिरीक्षक जयवीर सिंह ने मौके पर पहुंच कर मकान का निरीक्षण किया। डीडीआरएफ के जवानों की मदद से मकान और मार्ग पर गिरे पेड़ को हटाना शुरू किया गया। इसके बाद दस बजे तक पेड़ काटकर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। वहीं ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के पति राजेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि पूर्व में पेड़ को काटे जाने की मांग तहसील प्रशासन तथा वनविभाग से की थी लेकिन समय पर इसे काटा नहीं गया। संवाद
खतरे की जद में सात से अधिक मकान
नारायणबगड़। बारिश के कारण टेंटुड़ा के सलधार गांव में हुए भूस्खलन से गांव की रामेश्वरी देवी, दलवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, माधो सिंह, सुरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं टेंटुड़ा, मानूर, बेड़गांव समेत 12 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया है। मंगलवार को विधायक भूपालराम टम्टा ने बारिश के कारण नारायणबगड़ क्षेत्र के गांवों में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सलधार गांव में रास्ता बनाए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। संवाद
नैनीताल हाईवे एक घंटे रहा बंद
गैरसैंण/थराली। मंगलवार को नैनीताल हाईवे सलियाणा के पास मलबा आने से सुबह पांच से सात बजे तक दो घंटे बंद रहा। एनएच ने मलबा हटाकर आवाजाही बहाल कराई। वहीं गैरसैंण फरकंडे मार्ग पर राजकीय पॉलीटेक्निक और भुवनेश्वरी महिला आश्रम के समीप सड़क पर पेड़ गिर जाने के कारण यातायात एक घंटे तक बंद रहा। विभाग ने जेसीबी की सहायता से पेड़ को हटाकर यातायात को सुचारु किया गया। वहीं थराली में मंगलवार दोपहर तीन बजे के बाद ग्वालदम क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से नाले और गदेरे उफान पर आ गए। भारी बारिश से जगह-जगह मलबा आने से थराली-देवाल स्टेट हाईवे सहित 15 से अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। वहीं थराली बाजार में कीचड़ और मलबे से पैदल आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। थराली-देवाल मोटर मार्ग केदारबगड़ में घांगली गदेरे के मलबे से बंद हो गया है। थराली कुराड़ मार्ग में राड़ीगांव के ऊपर भूस्खलन होने से मलबा सड़क से होते हुए बस्ती की तरफ जा रहा है जिससे सड़क पर कई वाहन फंस गए हैं। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई है। बारिश बंद होते ही सड़कों को खोलने का कार्य तेजी से किया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। विकासखंड के गमलीगाड़ में मलबा आने से श्री नंदा राजजात व स्टेट हाईवे देवाल-लोहाजंग मार्ग बंद है। गमलीगाड़ में दलदल होने से यहां पर एक कार फंसी हुई है। वहीं देवाल-खेता व हाटकल्याड़ी-सवाड़ मोटर मार्ग बंद होने से इस क्षेत्र का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। ऐसे में करीब 12 हजार से अधिक आबादी परेशान है।
सोमवार की रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से देवाल-खेता मोटर मार्ग गमलीगाड़ में बंद है। यहां पर मलबा से दलदल बना हुआ है। जिस कारण मंगलवार को एक कार दलदल में फंस गई। इस मार्ग के बंद होने से इस क्षेत्र के करीब 12 हजार आबादी का संपर्क कटा है। वहीं दस हजार आबादी को जोड़ने वाला देवाल-खेता मानमती सड़क सुयालकोट में बंद है। यहां पर करीब ढाई सौ मीटर सड़क में मलबा आया है। हालांकि लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए पोकलैन मशीन व एक जेसीबी मशीन लगाई है। लेकिन लगातार मलबा व बोल्डर गिरने से मलबा हटाने का काम बाधित हो रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि मलबा हटाने के लिए जेसीबी व पोकलैन मशीन लगी हुई है। यातायात के लिए शीघ्र सड़क खोल दी जाएगी।
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30 घंटे से ज्यादा कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग बंद
कर्णप्रयाग। कपीरी पट्टी के 30 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पीपलसेरा के पास पहाड़ी का एक हिस्सा टूटने से 32 घंटों से अधिक समय से बंद पड़ा है। ऐसे में लोनिवि की दो मशीनें पहाड़ी को काटकर मार्ग खोलने में जुटी हैं। यहां ब्रेकर के माध्यम से चट्टान तोड़ी जा रही है। वहीं दूसरी छोर से एक बोल्डर अटका हुआ है जिससे दूसरे छोर से कार्य नहीं हो पा रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि लगातार मार्ग खोलने का कार्य जारी है। पहाड़ी को तोड़ने में समय लग रहा है। एक मशीन पहाड़ी को तोड़ रही है दूसरी मलबे को हटा रही है। जल्द सड़क खोलने का प्रयास किया जाएगा। वहीं सड़क बंद होने से कपीरी पट्टी के ग्रामीणों को सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है। संवाद
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मकान के ऊपर गिरा पेड़ा, लोगों ने भागकर बचाई जान
नारायणबगड़। सोमवार रात करीब 11:30 बजे नारायणबगड़ गांव में एक विशालकाय पेड़ जड़ समेत उखड़कर ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के दो मंजिला मकान के ऊपर जा गिरा। घटना के वक्त सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक हुई इस घटना से घर के सभी लोग और गांव के अन्य लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन मकान और उससे लगी गोशाला और रसाई की दीवारों व छतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
वहींपेड़ गिरने से नारायणबगड़-परखाल मार्ग भी रात में बंद हो गया था। मंगलवार सुबह राजस्व उपनिरीक्षक जयवीर सिंह ने मौके पर पहुंच कर मकान का निरीक्षण किया। डीडीआरएफ के जवानों की मदद से मकान और मार्ग पर गिरे पेड़ को हटाना शुरू किया गया। इसके बाद दस बजे तक पेड़ काटकर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। वहीं ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के पति राजेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि पूर्व में पेड़ को काटे जाने की मांग तहसील प्रशासन तथा वनविभाग से की थी लेकिन समय पर इसे काटा नहीं गया। संवाद
खतरे की जद में सात से अधिक मकान
नारायणबगड़। बारिश के कारण टेंटुड़ा के सलधार गांव में हुए भूस्खलन से गांव की रामेश्वरी देवी, दलवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, माधो सिंह, सुरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं टेंटुड़ा, मानूर, बेड़गांव समेत 12 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया है। मंगलवार को विधायक भूपालराम टम्टा ने बारिश के कारण नारायणबगड़ क्षेत्र के गांवों में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सलधार गांव में रास्ता बनाए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। संवाद
नैनीताल हाईवे एक घंटे रहा बंद
गैरसैंण/थराली। मंगलवार को नैनीताल हाईवे सलियाणा के पास मलबा आने से सुबह पांच से सात बजे तक दो घंटे बंद रहा। एनएच ने मलबा हटाकर आवाजाही बहाल कराई। वहीं गैरसैंण फरकंडे मार्ग पर राजकीय पॉलीटेक्निक और भुवनेश्वरी महिला आश्रम के समीप सड़क पर पेड़ गिर जाने के कारण यातायात एक घंटे तक बंद रहा। विभाग ने जेसीबी की सहायता से पेड़ को हटाकर यातायात को सुचारु किया गया। वहीं थराली में मंगलवार दोपहर तीन बजे के बाद ग्वालदम क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से नाले और गदेरे उफान पर आ गए। भारी बारिश से जगह-जगह मलबा आने से थराली-देवाल स्टेट हाईवे सहित 15 से अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। वहीं थराली बाजार में कीचड़ और मलबे से पैदल आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। थराली-देवाल मोटर मार्ग केदारबगड़ में घांगली गदेरे के मलबे से बंद हो गया है। थराली कुराड़ मार्ग में राड़ीगांव के ऊपर भूस्खलन होने से मलबा सड़क से होते हुए बस्ती की तरफ जा रहा है जिससे सड़क पर कई वाहन फंस गए हैं। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई है। बारिश बंद होते ही सड़कों को खोलने का कार्य तेजी से किया जाएगा। संवाद