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Chamoli News: गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा डिम्मर से रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 20 Apr 2026 05:10 PM IST
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कर्णप्रयाग के डिम्मर से गाडू घड़ा कलश यात्रा को ले जाते पुजारी। संवाद
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फोटो
उमट्टा, लंगासू, नंदप्रयाग, चमोली होते हुए ज्योतिर्मठ पहुंची यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में महाभिषेक पूजा और बाल भोग अर्पित करने के बाद गाडू घड़ा तेल कलश की द्वितीय चरण की यात्रा का शुभारंभ हुआ। सोमवार सुबह बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों ने जय बदरी विशाल... के जयकारे लगाए और यात्रा ने धाम के लिए प्रस्थान किया। देर शाम यात्रा नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची।
सोमवार को बीकेटीसी के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद डिमरी ने गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया। यात्रा के श्री टटेश्वर महादेव मंदिर डिम्मर में पहुंचने पर महंत योगेशानंद महाराज ने पूजा-अर्चना की। विद्यापीठ, सिमली में पहुंचने पर प्रधान डिम्मर विनीता देवी, शशि देवी, संतोषी खंडूड़ी, भुवनेश्वरी खंडूड़ी, रंजना देवी आदि ने यात्रा का स्वागत किया और तेल कलश के दर्शन किए। केंद्रीय पंचायत के वरिष्ठ सदस्य गोवर्धन प्रसाद डिमरी, प्रकाश चंद्र डिमरी ने बताया कि गाडूघड़ा तेल कलश यात्रा उमट्टा, लंगासू, नंदप्रयाग, चमोली, बिरही, पाखी, रविग्राम होते हुए देर शाम रात्रि प्रवास के लिए नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची। 21 अप्रैल को ज्योतिर्मठ से गाडू घड़ा तेल कलश, शंकराचार्य की गद्दी व बदरीनाथ के रावल रात्रि प्रवास के लिए योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेंगे। 22 अप्रैल को तेल कलश उद्धव और कुबेर भगवान की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और रावल रात्रि प्रवास के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे और 23 अप्रैल को प्रातः 6.15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे। इसके बाद गाडूघड़ा तेल कलश, भगवान उद्धव और कुबेर की डोली को मंदिर के गर्भगृह में प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा। इस दौरान पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, भगवती प्रसाद, टीका प्रसाद, हर्षवर्धन, संजय डिमरी, डा. हिमांशु, आशीष डिमरी, मुकेश और हेमचंद्र डिमरी आदि मौजूद रहे।
इंसेट
एरवालों ने देवनृत्य करते हुए भक्तों को दिया आशीर्वाद
कर्णप्रयाग। जिलासू की मां चंडिका देवी की बन्याथ के तीसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। बनातोली में देवी के एरवालों ने देवनृत्य करते हुए भक्तों को आशीर्वाद दिया। मां को लिए भक्तों ने चूड़ी, शृंगार, फल, मिठाई, वस्त्र आदि भेंट किए। बन्याथ महोत्सव देखने के लिए कर्णप्रयाग, बमोथ, जिलासू, लंगासू, उत्तरों, सरणा आदि गांवों से लोग सिवाई पहुंचे। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष दिलबर सिंह चौहान, सचिव ईश्वर सिंह राणा, उपाध्यक्ष संदीप सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद
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उमट्टा, लंगासू, नंदप्रयाग, चमोली होते हुए ज्योतिर्मठ पहुंची यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में महाभिषेक पूजा और बाल भोग अर्पित करने के बाद गाडू घड़ा तेल कलश की द्वितीय चरण की यात्रा का शुभारंभ हुआ। सोमवार सुबह बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों ने जय बदरी विशाल... के जयकारे लगाए और यात्रा ने धाम के लिए प्रस्थान किया। देर शाम यात्रा नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची।
सोमवार को बीकेटीसी के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद डिमरी ने गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया। यात्रा के श्री टटेश्वर महादेव मंदिर डिम्मर में पहुंचने पर महंत योगेशानंद महाराज ने पूजा-अर्चना की। विद्यापीठ, सिमली में पहुंचने पर प्रधान डिम्मर विनीता देवी, शशि देवी, संतोषी खंडूड़ी, भुवनेश्वरी खंडूड़ी, रंजना देवी आदि ने यात्रा का स्वागत किया और तेल कलश के दर्शन किए। केंद्रीय पंचायत के वरिष्ठ सदस्य गोवर्धन प्रसाद डिमरी, प्रकाश चंद्र डिमरी ने बताया कि गाडूघड़ा तेल कलश यात्रा उमट्टा, लंगासू, नंदप्रयाग, चमोली, बिरही, पाखी, रविग्राम होते हुए देर शाम रात्रि प्रवास के लिए नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची। 21 अप्रैल को ज्योतिर्मठ से गाडू घड़ा तेल कलश, शंकराचार्य की गद्दी व बदरीनाथ के रावल रात्रि प्रवास के लिए योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेंगे। 22 अप्रैल को तेल कलश उद्धव और कुबेर भगवान की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और रावल रात्रि प्रवास के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे और 23 अप्रैल को प्रातः 6.15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे। इसके बाद गाडूघड़ा तेल कलश, भगवान उद्धव और कुबेर की डोली को मंदिर के गर्भगृह में प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा। इस दौरान पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, भगवती प्रसाद, टीका प्रसाद, हर्षवर्धन, संजय डिमरी, डा. हिमांशु, आशीष डिमरी, मुकेश और हेमचंद्र डिमरी आदि मौजूद रहे।
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एरवालों ने देवनृत्य करते हुए भक्तों को दिया आशीर्वाद
कर्णप्रयाग। जिलासू की मां चंडिका देवी की बन्याथ के तीसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। बनातोली में देवी के एरवालों ने देवनृत्य करते हुए भक्तों को आशीर्वाद दिया। मां को लिए भक्तों ने चूड़ी, शृंगार, फल, मिठाई, वस्त्र आदि भेंट किए। बन्याथ महोत्सव देखने के लिए कर्णप्रयाग, बमोथ, जिलासू, लंगासू, उत्तरों, सरणा आदि गांवों से लोग सिवाई पहुंचे। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष दिलबर सिंह चौहान, सचिव ईश्वर सिंह राणा, उपाध्यक्ष संदीप सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद
