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Chamoli News: पोखरी में ओलावृष्टि से फसल को हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 06 Apr 2026 06:43 PM IST
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औली में हुई बर्फबारी का लुत्फ उठाते पर्यटक। स्रोत: जागरुक पाठक
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फोटो
दोपहर के समय तेज गर्जना के साथ हुई झमाझम बारिश
गेहूं, सरसों, मसूर की फसलें हो रहीं खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी। चमोली जिले में तीन दिन से दोपहर के समय बारिश हो रही है। सोमवार को पोखरी क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
पोखरी के खदेड़ पट्टी क्षेत्र में गेहूं, जौ, सरसों की फसल को इससे भारी नुकसान पहुंचा है। रडुवा, कांडई चंद्रशिला, जौरासी, किमोठा, डुंगर, तोणजी, सलना, नैल, नौली, गुणम, कलसीर, मसोली, पाटी, जखमाला सहित अन्य गांवों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। काश्तकार भगत भंडारी, रघुवीर नेगी, जगदीश नेगी, बीरेंद्र नेगी आदि का कहना है कि आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल बरबाद हो गई है। वहीं धान की बुआई का समय हो गया है लेकिन बारिश कारण खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं। काश्तकारों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। वहीं गोपेश्वर व आस-पास के क्षेत्र में दोपहर के समय तेज बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की खेती के कामों में खलल डाल दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलें जहां खराब हो रही हैं वहीं धान आदि फसलों की बुआई का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसान बचन सिंह रावत ने कहा कि जब फसलों के लिए बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब बारिश हुई ही नहीं और अब हो रही है तो उससे बची फसलें बरबाद होने के कगार पर हैं। टेंटुड़ा गांव के नैन सिंह ने बताया कि आजकल क्षेत्र के गांवों में खरीफ की फसलों की बुआई का काम जोरों पर है लेकिन बेमौसम हो रही बारिश ने लोगों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में कटने के लिए तैयार गेहूं आदि की फसलें भी बरबाद हो जाएंगी। वहीं दोपहर बाद अचानक हुई झमाझम बारिश से ठंड एक बार फिर से लौट आई है।
निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली दूसरे दिन भी बहाल नहीं
बारिश होने से ऊर्जा निगम की टीम ने बीच में छोड़ा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। आंधी से बिजली लाइन टूटने के निजमुला घाटी के 13 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। ऐसे में सोमवार को दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई ठप रही। ऊर्जा निगम के कर्मचारी सुबह से ही लाइन ठीक करने में जुटे रहे। मगर बारिश होने के कारण तारों को जोड़ने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
रविवार को मौसम खराब हुआ और आंधी से मल्ला बिरही व टिटरी तोक के बीच चीड़ का एक सूखा पेड़ बिजली की हाईटेंशन लाइन पर जा गिरा। इससे लाइन टूट गई। रविवार को रातभर बिजली गुल रही। सोमवार सुबह ऊर्जा निगम की टीम तारों को जोड़ने में जुट गईं मगर दोपहर बाद क्षेत्र में बारिश होने से लाइन जोड़ने का काम रुक गया। लाइन टूटने से निजमुला घाटी के गाड़ी, व्यारा, झींझी, निजमुला, पगना, पाणा, ईराणी, मौली हडूंग सहित करीब 13 गांवों में दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई ठप रही। वहीं ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप शर्मा ने बताया कि बारिश रुकने के बाद लाइन को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी।
औली में जमकर हुई बर्फबारी
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम खराब है। ऐसे में सोमवार को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। औली में अप्रैल माह में हुई बर्फबारी का पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया। चमोली जिले में तीन दिन से दोपहर के समय बारिश हो रही है। सोमवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। दोपहर को औली में भी बर्फबारी शुरू हो गई। यहां पहुंचे पर्यटकों ने अप्रैल माह में बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। औली के होटल व्यवसायी अजय भट्ट का कहना है कि औली में मौसम सुहावना बना है और बर्फबारी से पर्यटक खुश नजर आ रहे हैं।
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दोपहर के समय तेज गर्जना के साथ हुई झमाझम बारिश
गेहूं, सरसों, मसूर की फसलें हो रहीं खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी। चमोली जिले में तीन दिन से दोपहर के समय बारिश हो रही है। सोमवार को पोखरी क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
पोखरी के खदेड़ पट्टी क्षेत्र में गेहूं, जौ, सरसों की फसल को इससे भारी नुकसान पहुंचा है। रडुवा, कांडई चंद्रशिला, जौरासी, किमोठा, डुंगर, तोणजी, सलना, नैल, नौली, गुणम, कलसीर, मसोली, पाटी, जखमाला सहित अन्य गांवों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। काश्तकार भगत भंडारी, रघुवीर नेगी, जगदीश नेगी, बीरेंद्र नेगी आदि का कहना है कि आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल बरबाद हो गई है। वहीं धान की बुआई का समय हो गया है लेकिन बारिश कारण खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं। काश्तकारों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। वहीं गोपेश्वर व आस-पास के क्षेत्र में दोपहर के समय तेज बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की खेती के कामों में खलल डाल दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलें जहां खराब हो रही हैं वहीं धान आदि फसलों की बुआई का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसान बचन सिंह रावत ने कहा कि जब फसलों के लिए बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब बारिश हुई ही नहीं और अब हो रही है तो उससे बची फसलें बरबाद होने के कगार पर हैं। टेंटुड़ा गांव के नैन सिंह ने बताया कि आजकल क्षेत्र के गांवों में खरीफ की फसलों की बुआई का काम जोरों पर है लेकिन बेमौसम हो रही बारिश ने लोगों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में कटने के लिए तैयार गेहूं आदि की फसलें भी बरबाद हो जाएंगी। वहीं दोपहर बाद अचानक हुई झमाझम बारिश से ठंड एक बार फिर से लौट आई है।
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निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली दूसरे दिन भी बहाल नहीं
बारिश होने से ऊर्जा निगम की टीम ने बीच में छोड़ा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। आंधी से बिजली लाइन टूटने के निजमुला घाटी के 13 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। ऐसे में सोमवार को दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई ठप रही। ऊर्जा निगम के कर्मचारी सुबह से ही लाइन ठीक करने में जुटे रहे। मगर बारिश होने के कारण तारों को जोड़ने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
रविवार को मौसम खराब हुआ और आंधी से मल्ला बिरही व टिटरी तोक के बीच चीड़ का एक सूखा पेड़ बिजली की हाईटेंशन लाइन पर जा गिरा। इससे लाइन टूट गई। रविवार को रातभर बिजली गुल रही। सोमवार सुबह ऊर्जा निगम की टीम तारों को जोड़ने में जुट गईं मगर दोपहर बाद क्षेत्र में बारिश होने से लाइन जोड़ने का काम रुक गया। लाइन टूटने से निजमुला घाटी के गाड़ी, व्यारा, झींझी, निजमुला, पगना, पाणा, ईराणी, मौली हडूंग सहित करीब 13 गांवों में दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई ठप रही। वहीं ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप शर्मा ने बताया कि बारिश रुकने के बाद लाइन को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी।
औली में जमकर हुई बर्फबारी
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम खराब है। ऐसे में सोमवार को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। औली में अप्रैल माह में हुई बर्फबारी का पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया। चमोली जिले में तीन दिन से दोपहर के समय बारिश हो रही है। सोमवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। दोपहर को औली में भी बर्फबारी शुरू हो गई। यहां पहुंचे पर्यटकों ने अप्रैल माह में बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। औली के होटल व्यवसायी अजय भट्ट का कहना है कि औली में मौसम सुहावना बना है और बर्फबारी से पर्यटक खुश नजर आ रहे हैं।

औली में हुई बर्फबारी का लुत्फ उठाते पर्यटक। स्रोत: जागरुक पाठक