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Chamoli News: जिला अस्पताल का नया भवन एक साल बाद भी नहीं हुआ हस्तांतरित
Sat, 18 Jul 2026 04:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 18 Jul 2026 04:20 PM IST
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1.55 करोड़ से हुआ निर्माण , मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधा
निर्माण की खामियां और शेष भुगतान बने देरी की वजह, 35 लाख रुपये का भुगतान लंबित
गोपेश्वर। जिला अस्पताल परिसर में टीएचडीसी के सीएसआर फंड से 1.55 करोड़ रुपये की लागत से आरडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित दो मंजिला भवन निर्माण पूरा होने के एक वर्ष बाद भी अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित नहीं हो सका है। इससे पंजीकरण काउंटर, प्रतीक्षा कक्ष, आधुनिक पैथोलॉजी लैब और स्टोर जैसी सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। भवन के भूतल पर पंजीकरण काउंटर व प्रतीक्षा कक्ष, प्रथम तल पर पैथोलॉजी लैब और दूसरे तल पर दवा व चिकित्सा उपकरणों के लिए स्टोर बनाया गया है। हालांकि, सीवरेज व्यवस्था अधूरी है और कई कमरों में दरवाजे नहीं लगे हैं, जिससे निराश्रित मवेशी अंदर घुस रहे हैं। सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि कार्यदायी संस्था को दो बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन शेष कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी की ओर से करीब 35 लाख रुपये का भुगतान लंबित होने से भवन का हस्तांतरण प्रभावित है। वहीं, जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि निरीक्षण में भवन निर्माण की कई तकनीकी खामियां मिली थीं। संबंधित अधिकारियों को इन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और मामले की दोबारा समीक्षा कर भवन शीघ्र अस्पताल प्रशासन को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।
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निर्माण की खामियां और शेष भुगतान बने देरी की वजह, 35 लाख रुपये का भुगतान लंबित
गोपेश्वर। जिला अस्पताल परिसर में टीएचडीसी के सीएसआर फंड से 1.55 करोड़ रुपये की लागत से आरडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित दो मंजिला भवन निर्माण पूरा होने के एक वर्ष बाद भी अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित नहीं हो सका है। इससे पंजीकरण काउंटर, प्रतीक्षा कक्ष, आधुनिक पैथोलॉजी लैब और स्टोर जैसी सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। भवन के भूतल पर पंजीकरण काउंटर व प्रतीक्षा कक्ष, प्रथम तल पर पैथोलॉजी लैब और दूसरे तल पर दवा व चिकित्सा उपकरणों के लिए स्टोर बनाया गया है। हालांकि, सीवरेज व्यवस्था अधूरी है और कई कमरों में दरवाजे नहीं लगे हैं, जिससे निराश्रित मवेशी अंदर घुस रहे हैं। सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि कार्यदायी संस्था को दो बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन शेष कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी की ओर से करीब 35 लाख रुपये का भुगतान लंबित होने से भवन का हस्तांतरण प्रभावित है। वहीं, जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि निरीक्षण में भवन निर्माण की कई तकनीकी खामियां मिली थीं। संबंधित अधिकारियों को इन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और मामले की दोबारा समीक्षा कर भवन शीघ्र अस्पताल प्रशासन को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।