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Chamoli News: दो साल से वन विभाग की एनओसी में फंसा रुहेड़ा-भैडियाणा सड़क निर्माण
Sat, 18 Jul 2026 06:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:52 PM IST
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- 150 परिवारों को आज भी आठ किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी
गोपेश्वर। गैरसैंण विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रुहेड़ा से भैडियाणा गांव तक प्रस्तावित चार किलोमीटर मोटर मार्ग का निर्माण पिछले दो वर्षों से वन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया में अटका हुआ है। सड़क नहीं बनने से भैडियाणा गांव के करीब 150 परिवारों को आज भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग आठ किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण की मांग के लिए ग्राम प्रधान इंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से भेंट की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शासन ने इस सड़क निर्माण को स्वीकृति दी थी। वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वन विभाग ने क्षेत्र में डंपिंग जोन निर्धारित नहीं होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद से सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। सुबेदार केशर सिंह, कुंदन सिंह कंडारी और राम सिंह रावत ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए डंपिंग जोन की भूमि का चयन पहले ही किया जा चुका है, इसके बावजूद विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जा रही है। डीएफओ सर्वेश दुबे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शीघ्र ही सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
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गोपेश्वर। गैरसैंण विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रुहेड़ा से भैडियाणा गांव तक प्रस्तावित चार किलोमीटर मोटर मार्ग का निर्माण पिछले दो वर्षों से वन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया में अटका हुआ है। सड़क नहीं बनने से भैडियाणा गांव के करीब 150 परिवारों को आज भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग आठ किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण की मांग के लिए ग्राम प्रधान इंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से भेंट की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शासन ने इस सड़क निर्माण को स्वीकृति दी थी। वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वन विभाग ने क्षेत्र में डंपिंग जोन निर्धारित नहीं होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद से सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। सुबेदार केशर सिंह, कुंदन सिंह कंडारी और राम सिंह रावत ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए डंपिंग जोन की भूमि का चयन पहले ही किया जा चुका है, इसके बावजूद विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जा रही है। डीएफओ सर्वेश दुबे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शीघ्र ही सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।