{"_id":"6a3a8638d0e05c4ca8058c69","slug":"political-parties-raise-questions-over-shifting-the-haridwar-probe-karnpryag-news-c-48-1-sdrn1013-124730-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: हरिद्वार जांच शिफ्ट करने पर राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: हरिद्वार जांच शिफ्ट करने पर राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 23 Jun 2026 06:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यूकेडी ने कहा, मामले में की जाएगी महापंचायत
गुरुद्वारा प्रकरण को कर्णप्रयाग से जबरन जोड़ा जा रहा : भाकपा माले
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कर्णप्रयाग। निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद की जांच को हरिद्वार जिले के पुलिस अधिकारियों को सौंपे जाने के मामले में राजनीतिक दलों ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि क्रॉस प्राथमिकी कानूनी अधिकार है लेकिन मामलों को जिले से बाहर जांच के लिए भेज देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। यूकेडी का कहना है कि अब इस संबंध में महापंचायत की जाएगी।
उत्तराखंड क्रांति दल के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि कर्णप्रयाग घटना को राजनीतिक रंग देने और हरिद्वार में जांच के निर्णय पर सवाल उठे हैं। निष्पक्षता के लिए रुद्रप्रयाग या पौड़ी के अधिकारियों से जांच की मांग की गई। नेगी ने कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए गौचर में देवभूमि महापंचायत आयोजित करने पर विचार किया जाएगा। वहीं भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि नगरासू में गुरुद्वारे पर कब्जा करने के मामले में गुरुद्वारे के प्रबंधक के अलग बयान हैं। ऐसे में इस मामले को कर्णप्रयाग से जोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं राज्य आंदोलनकारी डॉ. मदन मोहन नवानी ने कहा कि मामले में पंजाब से नेता अपने लोगों के बचाव में प्रदेश में पहुंचे लेकिन यहां के विधायकों और सांसदों ने चुप्पी साधी है।
गुरुद्वारा प्रकरण को कर्णप्रयाग से जबरन जोड़ा जा रहा : भाकपा माले
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कर्णप्रयाग। निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद की जांच को हरिद्वार जिले के पुलिस अधिकारियों को सौंपे जाने के मामले में राजनीतिक दलों ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि क्रॉस प्राथमिकी कानूनी अधिकार है लेकिन मामलों को जिले से बाहर जांच के लिए भेज देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। यूकेडी का कहना है कि अब इस संबंध में महापंचायत की जाएगी।
उत्तराखंड क्रांति दल के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि कर्णप्रयाग घटना को राजनीतिक रंग देने और हरिद्वार में जांच के निर्णय पर सवाल उठे हैं। निष्पक्षता के लिए रुद्रप्रयाग या पौड़ी के अधिकारियों से जांच की मांग की गई। नेगी ने कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए गौचर में देवभूमि महापंचायत आयोजित करने पर विचार किया जाएगा। वहीं भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि नगरासू में गुरुद्वारे पर कब्जा करने के मामले में गुरुद्वारे के प्रबंधक के अलग बयान हैं। ऐसे में इस मामले को कर्णप्रयाग से जोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं राज्य आंदोलनकारी डॉ. मदन मोहन नवानी ने कहा कि मामले में पंजाब से नेता अपने लोगों के बचाव में प्रदेश में पहुंचे लेकिन यहां के विधायकों और सांसदों ने चुप्पी साधी है।
विज्ञापन
विज्ञापन