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Chamoli News: गोपेश्वर में निकाली रैली, सीएमओ को घेरा
Thu, 09 Jul 2026 06:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:16 PM IST
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मांगें पूरी न होने पर आशा कार्यकर्ता और फैसिलिटेटर ने जताया आक्रोश मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, जल्द मांगें पूरा करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए 18 हजार वेतन करने, निश्चित मानदेय देने समेत कई मांगों के संबंध में आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर ने गोपेश्वर में रैली निकाली।उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचे सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता का घेराव कर दिया और उनके समक्ष मांगें रखीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की मांग रखी।
बृहस्पतिवार को आशा फैसिलिटेटर एवं कार्यकर्ता संगठन और आशा कार्यकर्ता संगठन ने संयुक्त रूप से नगर में रैली निकाली। पोस्ट ऑफिस के पास से बस स्टेशन तिराहा होते हुए रैली कलेक्ट्रेट में पहुंची। यहां उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे तो आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटर ने उनका घेराव करते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा। आशा फैसिलिटेटर ने नियमितीकरण, प्रतिदिन 400 रुपये की जगह 1500 रुपये करने, दुर्गम क्षेत्र में नेटवर्क समस्या के कारण जीपीएस गूगल फोटो को हटाने, कार्य व परिश्रम को देखते हुए माह में निश्चित मानदेय देने, यात्रा भत्ता देने, डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए स्टेशनरी भत्ता दिया जाए, सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये देने, राज्य प्रोत्साहन राशि दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करने की मांग की। वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए 18 हजार वेतन करने, दुर्घटना में पांच लाख बीमा करने, आशा कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर एकमुश्त 10 लाख का भुगतान करने, अनुभवी आशाओं को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने, योग्यता के आधार पर एएनएम पद पर पदोन्नत करने, पल्स पोलियो अभियान के तहत कार्य करने पर प्रतिदिन 800 रुपये भत्ता देने की मांग की। इस मौके पर आशा फैसिलिटेटर संगठन की अध्यक्ष किरन बिष्ट, सचिव मोनिका रौतेला, गीता गौड़, देवेश्वरी बिष्ट, पूनम गौड़, कुसुम नेगी, अनीता मैठाणी, सुनीता आदि मौजूद रहे। वहीं आशा कार्यकर्ताओं में अध्यक्ष बसंती, नीमा बिष्ट, हेमा बिष्ट, मीना, आशा, सरोजनी भंडारी आदि मौजूद रहे।
21 वर्षों से कर रहे काम, नहीं हो रही सुनवाई
थराली। मांगों के संबंध में आशा कार्यकर्ता संगठन की थराली, देवाल और नारायणबगड़ इकाइयों ने संयुक्त रूप से थराली देवाल तिराहे से तहसील परिसर तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूनतम अठारह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने और राज्य कर्मचारी घोषित करने सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर तहसील कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चंद्रकिशोर को ज्ञापन सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे 21 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में कार्य कर रही हैं लेकिन उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उन्होंने चेतावनी दी यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में देवकी देवी, भागीरथी बिष्ट, सावित्री, अनिता देवी, मुन्नी पुरोहित, संजू देवी, नीमा, ज्योति, लीला, अनीता शामिल थीं। संवाद
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मांगें पूरी न होने पर आशा कार्यकर्ता और फैसिलिटेटर ने जताया आक्रोश मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, जल्द मांगें पूरा करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए 18 हजार वेतन करने, निश्चित मानदेय देने समेत कई मांगों के संबंध में आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर ने गोपेश्वर में रैली निकाली।उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचे सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता का घेराव कर दिया और उनके समक्ष मांगें रखीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की मांग रखी।
बृहस्पतिवार को आशा फैसिलिटेटर एवं कार्यकर्ता संगठन और आशा कार्यकर्ता संगठन ने संयुक्त रूप से नगर में रैली निकाली। पोस्ट ऑफिस के पास से बस स्टेशन तिराहा होते हुए रैली कलेक्ट्रेट में पहुंची। यहां उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे तो आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटर ने उनका घेराव करते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा। आशा फैसिलिटेटर ने नियमितीकरण, प्रतिदिन 400 रुपये की जगह 1500 रुपये करने, दुर्गम क्षेत्र में नेटवर्क समस्या के कारण जीपीएस गूगल फोटो को हटाने, कार्य व परिश्रम को देखते हुए माह में निश्चित मानदेय देने, यात्रा भत्ता देने, डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए स्टेशनरी भत्ता दिया जाए, सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये देने, राज्य प्रोत्साहन राशि दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करने की मांग की। वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए 18 हजार वेतन करने, दुर्घटना में पांच लाख बीमा करने, आशा कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर एकमुश्त 10 लाख का भुगतान करने, अनुभवी आशाओं को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने, योग्यता के आधार पर एएनएम पद पर पदोन्नत करने, पल्स पोलियो अभियान के तहत कार्य करने पर प्रतिदिन 800 रुपये भत्ता देने की मांग की। इस मौके पर आशा फैसिलिटेटर संगठन की अध्यक्ष किरन बिष्ट, सचिव मोनिका रौतेला, गीता गौड़, देवेश्वरी बिष्ट, पूनम गौड़, कुसुम नेगी, अनीता मैठाणी, सुनीता आदि मौजूद रहे। वहीं आशा कार्यकर्ताओं में अध्यक्ष बसंती, नीमा बिष्ट, हेमा बिष्ट, मीना, आशा, सरोजनी भंडारी आदि मौजूद रहे।
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21 वर्षों से कर रहे काम, नहीं हो रही सुनवाई
थराली। मांगों के संबंध में आशा कार्यकर्ता संगठन की थराली, देवाल और नारायणबगड़ इकाइयों ने संयुक्त रूप से थराली देवाल तिराहे से तहसील परिसर तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूनतम अठारह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने और राज्य कर्मचारी घोषित करने सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर तहसील कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चंद्रकिशोर को ज्ञापन सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे 21 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में कार्य कर रही हैं लेकिन उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उन्होंने चेतावनी दी यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में देवकी देवी, भागीरथी बिष्ट, सावित्री, अनिता देवी, मुन्नी पुरोहित, संजू देवी, नीमा, ज्योति, लीला, अनीता शामिल थीं। संवाद
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