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Chamoli News: 50 से अधिक गांवों में हिमपात, कड़ाके की ठंड से घरों में दुबके लोग

संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Fri, 20 Mar 2026 06:50 PM IST
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Snowfall in over 50 villages, freezing cold forces people to stay indoors
बदरीनाथ धाम में हुई ताजी बर्फबारी का नजारा। स्रोत: जागरुक पाठक
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बदरीनाथ धाम में दो फीट, हेमकुंड में तीन फीट तक जमी बर्फ

संवाद न्यूज एजेंसी

गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। तीन दिनों से जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश-बर्फबारी शुक्रवार को भी जारी रही। बदरीनाथ धाम में लगभग दो फीट और हेमकुंड साहिब में तीन फीट ताजी बर्फ जम गई है। इसके अलावा नीती और माणा घाटी के गांवों में भी बर्फ जम गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में दिनभर बारिश लगी होने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ठंड से बचने के लिए लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। लोगों के रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो गए।

शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक बारिश का दौर जारी रहा। इससे जनपद के ऊंचाई वाले गांव पाणा, ईराणी, झींझी, सुतोल, कनोल, रामणी, पडेरगांव के साथ ही 50 से अधिक गांवों में भी बारिश के साथ बर्फबारी हुई मगर बर्फ जल्द पिघल गई। बारिश-बर्फबारी से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बदरीनाथ धाम में तापमान माइनस चार तक पहुंच गया है। ज्योतिर्मठ में भी न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहा। गोपेश्वर, पोखरी, पीपलकोटी, नंदानगर, नंदप्रयाग, ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भी दिनभर बारिश लगी रही।
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इंसेट
नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क पर डामरीकरण कार्य भी रुका

ज्योतिर्मठ/नंदानगर। बारिश से नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क पर डामरीकरण कार्य रुक गया है। बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन और भू-धंसाव क्षेत्रों में चल रहा सुधारीकरण कार्य भी प्रभावित हो गया है। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर फिसलन हो गई है। सिरों गांव के गोविंद सिंह सजवाण का कहना है कि उन्हें अपने गांव तक जाने के लिए चार किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। कई जगहों पर रास्ता फिसलन भरा हो गया है। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है।


सेब, नाशपाती के लिए बारिश नुकसानदायक

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश गेहूं और जौ के साथ ही दालों के लिए बेहद लाभदायक है। जिला कृषि अधिकारी जेपी तिवारी का कहना है कि गेहूं और जौ के साथ ही मसूर की दाल की अच्छी पैदावार हो जाएगी। इस समय आलू की बुवाई चल रही है और बारिश से भूमि में नमी आ जाएगी। आगामी दिनों में चैती धान और मंडुवे की बुवाई के लिए भी यह बारिश अमृत के समान है। जिला उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह का कहना है कि सेब, नाशपाती, आडू, चीकू, पोलम के लिए यह बारिश नुकसान करेगी। इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है तो बारिश से फूल झड़ जाएंगे। संवाद
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