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Chamoli News: युवक का नहीं लगा पता, एनडीआरएफ की टीम भी लौटी
Sat, 27 Sep 2025 05:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:00 PM IST
सार
गोपेश्वर के सुतोल गांव में नंदाकिनी नदी पर पुल बह जाने से ग्रामीणों को आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। हाल ही में पुलिया बहने से एक युवक नदी में बह गया, जिसकी तलाश भी असफल रही। ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग दोहराई है।
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विस्तार
गोपेश्वर। दो दिन पूर्व नंदाकिनी नदी में बहे युवक का कुछ पता नहीं लग पाया है। एनडीआरएफ की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ युवक की खोज की लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। अब एनडीआरएफ की टीम भी लौट गई है।
24 सितंबर की शाम को सुतोल गांव का युवक नरेंद्र सिंह (28) पुत्र नारायण सिंह दो अन्य साथियों के साथ सुगड़ तोक से होकर तातड़ा गांव जा रहा था। नंदाकिनी नदी पर लकड़ी की पुलिया बह जाने के कारण वे नदी से होकर गुजर रहे थे। अचानक नरेंद्र का पैर फिसल गया और वह नदी में बह गया। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन बचा नहीं सके। नंदानगर के नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि इन दिनों नंदाकिनी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है जिससे युवक की खोज में दिक्कतें आ रही हैं। अब एनडीआरएफ की टीम भी लौट गई है। संवाद
फोटो
पुल न होने से चल रहे आठ किमी पैदल
गोपेश्वर। नंदाकिनी नदी पर पुल न होने के कारण नंदानगर के सुतोल गांव के ग्रामीण करीब आठ पांच किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने इसी वर्ष मई माह में सुगड़ तोक में नंदाकिनी नदी पर लकड़ी की पुलिया तैयार की लेकिन बरसात में वह बह गई। इस पुल से आवाजाही कर ग्रामीण मात्र तीन किमी की दूरी तय कर तातड़ा गांव पहुंच जाते थे। मगर अब ग्रामीणों को तातड़ा जाने के लिए करीब आठ किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। सुतोल गांव की प्रधान उमा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुषमा देवी, हीरा सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन से कई बार नदी पर पुल निर्माण की मांग की गई लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर नायब तहसीलदार राकेश देवली का कहना है कि ग्रामीणों से यदि पुल का प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसे जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। पुल निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। संवाद
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24 सितंबर की शाम को सुतोल गांव का युवक नरेंद्र सिंह (28) पुत्र नारायण सिंह दो अन्य साथियों के साथ सुगड़ तोक से होकर तातड़ा गांव जा रहा था। नंदाकिनी नदी पर लकड़ी की पुलिया बह जाने के कारण वे नदी से होकर गुजर रहे थे। अचानक नरेंद्र का पैर फिसल गया और वह नदी में बह गया। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन बचा नहीं सके। नंदानगर के नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि इन दिनों नंदाकिनी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है जिससे युवक की खोज में दिक्कतें आ रही हैं। अब एनडीआरएफ की टीम भी लौट गई है। संवाद
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पुल न होने से चल रहे आठ किमी पैदल
गोपेश्वर। नंदाकिनी नदी पर पुल न होने के कारण नंदानगर के सुतोल गांव के ग्रामीण करीब आठ पांच किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने इसी वर्ष मई माह में सुगड़ तोक में नंदाकिनी नदी पर लकड़ी की पुलिया तैयार की लेकिन बरसात में वह बह गई। इस पुल से आवाजाही कर ग्रामीण मात्र तीन किमी की दूरी तय कर तातड़ा गांव पहुंच जाते थे। मगर अब ग्रामीणों को तातड़ा जाने के लिए करीब आठ किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। सुतोल गांव की प्रधान उमा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुषमा देवी, हीरा सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन से कई बार नदी पर पुल निर्माण की मांग की गई लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर नायब तहसीलदार राकेश देवली का कहना है कि ग्रामीणों से यदि पुल का प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसे जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। पुल निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। संवाद
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