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Champawat News: रणकोची मंदिर के लिए 4.57 करोड़ की स्वीकृति मिली

संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 12 Jan 2026 12:38 AM IST
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4.57 crore approved for the Ranakochi temple
रणकोची मंदिर
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चंपावत। जिले के रणकोची मंदिर में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 4.57 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली किस्त के रूप में 1.82 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं।
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परियोजना के क्रियान्वयन से रणकोची मंदिर का संरचनात्मक पुनर्निर्माण, सौन्दर्यीकरण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक वातावरण विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत पथ निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं, प्रतीक्षालय, संकेतक बोर्ड सहित अन्य आवश्यक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। सीएम कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर के महत्व को देखते हुए सौंदर्यीकरण, पुनर्निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की है।
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मंदिर का महत्व
रणकोची मंदिर सीमांत क्षेत्र तल्लादेश के ग्राम रियांसी बमनगांव के तोक खेत में शारदा किनारे स्थित है। 500 से 600 वर्ष पूर्व मंदिर की खोज बमनगांव के भट्ट परिवार की एक गाय ने की थी। तब से ही उक्त परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर में मां की पूजा-अर्चना कर रहा है। माता को मां रणकोची के नाम से जाना जाता है। मां न्याय की देवी के रूप में जानी जाती है। सात्विक पूजा के साथ-साथ वहां स्थित महाकाली मंदिर में बलिदान की भी परंपरा है। स्थानीय लोगों के साथ अलीगढ़, मथुरा, लखनऊ, कन्नौज, बरेली, दिल्ली, खटीमा जगहों से लोग यहां शीष नवाने आते हैं। माता रणकोची एक शिला और नौ फुटलिंग के रूप में विराजमान हैं।
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पूर्णागिरि देवी की बहन मानी जाती हैं इंसाफ की देवी रणकोची
पूर्णागिरि (चंपावत)। इंसाफ की देवी रणकोची को पूर्णागिरि देवी की बहन माना जाता है। रियासी बमनगांव ग्राम पंचायत के खेत गांव में भगवती रणचंडिका मंदिर और फुटलिंग है। मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि रणकोची मनोकामना पूर्ण करने के साथ ही अपने भक्तों को अनिष्ट से भी बचाती हैं। इस मंदिर में भारद्वाज गोत्र का भट्ट परिवार ही पूजा का अधिकारी है।

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