{"_id":"6a7e1ab0b6c9107b2803dda8","slug":"ashadhi-kautik-bagwal-fair-from-23rd-in-maa-varahi-devidhura-champawat-news-c-229-1-shld1026-143097-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: मां वाराही देवीधुरा में आषाढ़ी कौतिक बगवाल मेला 23 से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: मां वाराही देवीधुरा में आषाढ़ी कौतिक बगवाल मेला 23 से
Fri, 14 Aug 2026 12:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। मां वाराही शक्तिपीठ देवीधुरा में ऐतिहासिक आषाढ़ी कौतिक रक्षाबंधन बगवाल मेला 23 अगस्त से चार सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। इसका औपचारिक उद्घाटन 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से किया जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला प्रशासन और विभागों को मेले की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, सफाई, स्वास्थ्य और यातायात प्रबंधन में कोताही न बरतने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए गए।
जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। मेले का मुख्य आकर्षण विश्व प्रसिद्ध बगवाल 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर खेला जाएगा। जिलाधिकारी ने पुलिस और मेला प्रशासन को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
विज्ञापन
धार्मिक कार्यक्रम और जनसेवा शिविर
धार्मिक परंपराओं के अनुसार 23 अगस्त को सांगी पूजन होगा। 28 अगस्त को बगवाल पूजन, 29 अगस्त को डोले का पूजन व परिक्रमा और चार सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य झांकी निकाली जाएगी। जनसेवा के लिए 25 अगस्त को बहुउद्देश्यीय शिविर, 30 अगस्त को नेत्र शिविर और 31 अगस्त को रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की।
विज्ञापन
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला प्रशासन और विभागों को मेले की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, सफाई, स्वास्थ्य और यातायात प्रबंधन में कोताही न बरतने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। मेले का मुख्य आकर्षण विश्व प्रसिद्ध बगवाल 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर खेला जाएगा। जिलाधिकारी ने पुलिस और मेला प्रशासन को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
विज्ञापन
धार्मिक कार्यक्रम और जनसेवा शिविर
धार्मिक परंपराओं के अनुसार 23 अगस्त को सांगी पूजन होगा। 28 अगस्त को बगवाल पूजन, 29 अगस्त को डोले का पूजन व परिक्रमा और चार सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य झांकी निकाली जाएगी। जनसेवा के लिए 25 अगस्त को बहुउद्देश्यीय शिविर, 30 अगस्त को नेत्र शिविर और 31 अगस्त को रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की।