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खटीमा के लिए::: चेक बाउंस के मामले में 9.10 लाख का अर्थदंड और चार माह का कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:10 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। टनकपुर की सिविल जज प्रियांशी नगरकोटी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए चार माह का साधारण कारावास और 9.10 लाख रुपये देने की सजा सुनाई है।
सिविल जज की अदालत में साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद दोषी खटीमा निवासी रमेश सिंह चौहान को चार माह का साधारण कारावास और 9.10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे एक माह का साधारण कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने दोषी को पीड़ित राहुल मौर्या को नौ लाख रुपये प्रतिकर के रूप में देने और 10 हजार रुपये का अर्थदंड राज्य सरकार के खाते में जमा कराने का आदेश भी सुनाया।
बनबसा वासी राहुल मौर्या पुत्र जगदीश मौर्या ने वर्ष 2018 में एक जमीन खरीद पर खटीमा अमाऊ निवासी रमेश सिंह चौहान को 8.75 लाख रुपये की रकम सौंपी थी। बाद में सौदा हुई जमीन वर्ग चार की निकलने पर पैसे वापस करने का समझौता हुआ लेकिन लंबे समय बाद तक पैसे वापस नहीं किए गए। नोटिस दिए जाने के बाद रमेश सिंह ने 16 अगस्त 2024 में राहुल को 8,75,000 रुपये का चेक सौंपा। राहुल ने 21 अगस्त 2024 को चेक टनकपुर केनरा बैंक में अपने खाते में जमा कराने को दिया। बाद में बैंक ने चेक बाउंस होने की जानकारी दी। रमेश सिंह चौहान के पैसे वापस नहीं करने पर राहुल ने 30 सितंबर 2024 को न्यायालय सिविल जज टनकपुर में वाद दायर किया। जिस पर न्यायालय ने 24 मार्च को फैसला सुनाया।
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सिविल जज की अदालत में साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद दोषी खटीमा निवासी रमेश सिंह चौहान को चार माह का साधारण कारावास और 9.10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे एक माह का साधारण कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने दोषी को पीड़ित राहुल मौर्या को नौ लाख रुपये प्रतिकर के रूप में देने और 10 हजार रुपये का अर्थदंड राज्य सरकार के खाते में जमा कराने का आदेश भी सुनाया।
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बनबसा वासी राहुल मौर्या पुत्र जगदीश मौर्या ने वर्ष 2018 में एक जमीन खरीद पर खटीमा अमाऊ निवासी रमेश सिंह चौहान को 8.75 लाख रुपये की रकम सौंपी थी। बाद में सौदा हुई जमीन वर्ग चार की निकलने पर पैसे वापस करने का समझौता हुआ लेकिन लंबे समय बाद तक पैसे वापस नहीं किए गए। नोटिस दिए जाने के बाद रमेश सिंह ने 16 अगस्त 2024 में राहुल को 8,75,000 रुपये का चेक सौंपा। राहुल ने 21 अगस्त 2024 को चेक टनकपुर केनरा बैंक में अपने खाते में जमा कराने को दिया। बाद में बैंक ने चेक बाउंस होने की जानकारी दी। रमेश सिंह चौहान के पैसे वापस नहीं करने पर राहुल ने 30 सितंबर 2024 को न्यायालय सिविल जज टनकपुर में वाद दायर किया। जिस पर न्यायालय ने 24 मार्च को फैसला सुनाया।