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जय हो बाला गोरिया, जय हो बाला गोरिया...

Thu, 11 May 2017 10:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Thu, 11 May 2017 10:13 PM IST
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jai ho bala goriya, jai ho bala goriya
चंपावत गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या प्रकाश रावत एंड कंपनी के नाम रही। कलाकारों ने शानदार कार्यक्रम पेश कर दर्शकों का मन मोह लिया। ग्रीष्मोत्सव की पहली रात में ही दर्शकों का हुजूम उमड़ा। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन किया।
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गोरलचौड़ मैदान में प्रकाश रावत एंड कंपनी के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत गोलज्यू स्तुति जय हो बाला गोरिया, जय हो बाला गोरिया गीत से की। कुमाऊंनी गीत पहाड़ों को ठंडो पानी कसी तेरी मीठी बानी, छोड़नी नी लागनी पेश किया। कलाकारों के पेश किए गए कार्यक्रम ओ हीरा समधनी पर दर्शक झूम उठे।
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रिटायर्ड प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी के संचालन में हुए महोत्सव में एंजिल्स एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने भी शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत, मुकेश कलखुड़िया, कैलाश अधिकारी, नवल जोशी, डॉ. यशवंत बोरा आदि मौजूद थे।
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निजी जमीन पर दुकान लगाने को मजबूर कारोबारी
गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव में बीते वर्षों की अपेक्षा कहीं ज्यादा बाहरी क्षेत्रों के व्यापारी आ रहे हैं। इसके चलते गोरलचौड़ मैदान में दुकान खोलने को जगह नहीं बची है। यही कारण है कि बाहरी दुकान सरकारी या निजी जमीन पर दुकान लगाने को मजबूर हैं। कुछ दुकानदारों ने इंदिरा पार्क, तो कुछ ने बिजली विभाग और कुछ ने निजी जमीन पर दुकानें लगाई हुई है।

रामपुर से आए पुरुषोत्तम, मनोज, सुभाष का कहना है कि मैदान में जगह नहीं होने से उन्होंने निजी जमीन पर दुकानें लगाई हुई हैं, जबकि मोहम्मद आरिफ, दिलशाद अमित, सुरेश और मनोज आदि दुकानदारों ने इंदिरा पार्क और बिजली विभाग की खाली पड़ी भूमि पर दुकानें लगाई हैं।

प्रो. बिष्ट को मिला पहला चंपावत रत्न
कानपुर आईआईटी के रिटायर्ड प्रोफेसर हरिदत्त बिष्ट को पहला चंपावत रत्न पुरस्कार दिया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उम्दा काम करने के एवज में उन्हें ये पुरस्कार दिया गया। उनके छोटे भाई रिटायर्ड मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. जीबी बिष्ट को प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने पुरस्कार के रूप में प्रतीक चिन्ह दिया।

अस्वस्थता की वजह से रिटायर्ड प्रोफेसर पुरस्कार कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। चयन समिति के सदस्य प्रो. बीडी सुतेड़ी, डॉ. डीडी जोशी, डॉ. बीसी जोशी ने बताया कि गरीबी के बावजूद डॉ. बिष्ट ने आईआईटी की परीक्षा पास की। निर्धनता की वजह से कोई मेधावी बच्चा शिक्षा से दूर न हो सके, इस सोच के साथ उन्होंने चंपावत के दस प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल को गोद लिया।

इन स्कूलों में उन्होंने अपने खर्च से एक-एक शिक्षक की तैनाती की है। डॉ. बिष्ट ने कुलेठी प्राथमिक स्कूल में एक विज्ञान प्रयोगशाला और सचल पुस्तकालय भी बनवाया है। इसके अलावा विज्ञान के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ाने को वे साल 2006 से लगातार कार्यशाला करवाते आ रहे हैं, जिनमें नामी विशेषज्ञ शिरकत करते हैं।


कार्यक्रम में लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, डीएम डॉ. अहमद इकबाल, एसपी रामचंद्र राजगुरु, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, शंकर पांडेय आदि मौजूद थे।

 
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