Champawat: दगा दे गई टनकपुर डिपो की बस, यात्रियों का फूटा गुस्सा; स्टेशन पर पहुंचते ही बस के चारों पहिये जाम
उत्तराखंड परिवहन निगम की टनकपुर डिपो की बस चंपावत स्टेशन पर खराब होने से पिथौरागढ़ और लोहाघाट जा रहे 25 से अधिक यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
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उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों की बदहाली का खामियाजा फिर यात्रियों को भुगतना पड़ा। शुक्रवार को टनकपुर डिपो की एक बस बीच रास्ते में खराब हो गई जिससे होली पर्व पर पिथौरागढ़ और लोहाघाट लौट रहे 25 से अधिक यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। चंपावत स्टेशन पर करीब एक घंटे तक चले हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद यात्रियों को दूसरी बसों में जैसे-तैसे रवाना किया गया।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर डिपो की बस संख्या यूके 07पीए 3125 यात्रियों को लेकर पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुई थी। टनकपुर से लगभग 75 किमी दूर चंपावत स्टेशन पहुंचते ही बस के चारों पहिये अचानक जाम हो गए। चालक और परिचालक अमित ने बस को ठीक करने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बस के टस-से-मस न होने के कारण यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने स्टेशन पर ही आक्रोश जताना शुरू कर दिया।
काफी देर तक स्टेशन पर सामान के साथ बैठे रहने के बाद परिचालक ने पीछे से आ रही अन्य डिपो की बसों से संपर्क किया। बरेली से आई पिथौरागढ़ डिपो की बस पहले से ही पूरी तरह पैक थी जिसमें यात्रियों ने चढ़ने से मना कर दिया। यात्रियों का तर्क था कि जब किराया पूरा दे रहे हैं तो 13 किमी दूर लोहाघाट तक खड़े होकर सफर क्यों करें? हालांकि, परिचालक के काफी समझाने-बुझाने के बाद नाराज यात्री किसी तरह भरी हुई बस में सवार हुए।
तीन-तीन घंटे तक बसों का इंतजार
त्योहार के सीजन में बसों की कमी का आलम यह है कि चंपावत स्टेशन पर यात्री घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। मुंबई से आए यात्री मुरूगांक ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से बस के इंतजार में थे लेकिन सीटें फुल होने के कारण उन्हें अंततः टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।
अधिकारियों का पक्ष
यह बस मूल रूप से नैनीताल मार्ग पर संचालित की जाती है। वर्कशॉप में पूरी जांच के बाद ही इसे पिथौरागढ़ के लिए रवाना किया गया था। अचानक आई तकनीकी खराबी के कारणों की जांच की जाएगी। - केएस राणा, एआरएम