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Champawat News: चंपावत जिले के तीन युवा खाड़ी देशों में फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:18 PM IST
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मंच/चंपावत। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों ने उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत के तल्लादेश क्षेत्र में चिंता पैदा कर दी है। ग्राम पंचायत मंच के दुबड़जैनल गांव के तीन युवा इस समय युद्ध जैसी स्थिति के बीच बहरीन और दुबई में फंसे हुए हैं। घर में जहां होली की तैयारियां चल रही हैं वहीं अब अपनों की सलामती के लिए परिजन ईश्वर से कामना कर रहे हैं उन्होंने भारत सरकार से भी उनके लाडलों को वहां से सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई है।
दुबड़जैनल निवासी 22 वर्षीय राहुल महर और 25 वर्षीय राहुल पिछले डेढ़ साल से बहरीन के मुख्य शहर के एक होटल में कार्यरत हैं। रविवार सुबह (1 मार्च) भारतीय समयानुसार करीब 11 बजे राहुल ने संवाद टीम को फोन पर बातचीत में वहां के खौफनाक मंजर को साझा किया।
राहुल ने बताया कि हर घंटे में आसमान से मिसाइलें गिर रही हैं। अभी महज 45 मिनट पहले दो मिसाइलें दागी गईं। हम कमरों में कैद हैं। बाहर जाने पर सख्त पाबंदी है। खाने-पीने की फिलहाल दिक्कत नहीं है लेकिन अनहोनी का डर हर पल सता रहा है। सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो साझा करने पर रोक लगा रखी है।
इसी गांव के 27 वर्षीय अनिल महर पिछले चार साल से दुबई के पॉश इलाके डाउनटाउन (जहां बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल और दुबई फाउंटेन आदि स्थित हैं) में काम कर रहे हैं। अनिल ने बताया कि स्थिति बेहद चिंताजनक है। मिसाइलें गिरने के बाद इमारतों का मलबा तिनकों की तरह उड़ता दिखाई दे रहा है। चारों ओर धुएं का गुबार है। अनिल ने बताया कि वह सुरक्षित है लेकिन सरकार की सख्त हिदायत के कारण वे भी अपने कमरे में ही कैद रहने के लिए मजबूर हैं। संवाद
होली की खुशियां डर में बदलीं
इन युवाओं के परिवारों में जहां गुझिया और मठरी बनाने की तैयारी हो रही थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। अमेरिका-इस्रराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों ने दुबड़जैनल की होली की रौनक छीन ली है। अब परिवार के लोग अधिक चिंतित हैं। उन्हें अनहोनी की चिंता सता रही है।
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दुबड़जैनल निवासी 22 वर्षीय राहुल महर और 25 वर्षीय राहुल पिछले डेढ़ साल से बहरीन के मुख्य शहर के एक होटल में कार्यरत हैं। रविवार सुबह (1 मार्च) भारतीय समयानुसार करीब 11 बजे राहुल ने संवाद टीम को फोन पर बातचीत में वहां के खौफनाक मंजर को साझा किया।
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राहुल ने बताया कि हर घंटे में आसमान से मिसाइलें गिर रही हैं। अभी महज 45 मिनट पहले दो मिसाइलें दागी गईं। हम कमरों में कैद हैं। बाहर जाने पर सख्त पाबंदी है। खाने-पीने की फिलहाल दिक्कत नहीं है लेकिन अनहोनी का डर हर पल सता रहा है। सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो साझा करने पर रोक लगा रखी है।
इसी गांव के 27 वर्षीय अनिल महर पिछले चार साल से दुबई के पॉश इलाके डाउनटाउन (जहां बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल और दुबई फाउंटेन आदि स्थित हैं) में काम कर रहे हैं। अनिल ने बताया कि स्थिति बेहद चिंताजनक है। मिसाइलें गिरने के बाद इमारतों का मलबा तिनकों की तरह उड़ता दिखाई दे रहा है। चारों ओर धुएं का गुबार है। अनिल ने बताया कि वह सुरक्षित है लेकिन सरकार की सख्त हिदायत के कारण वे भी अपने कमरे में ही कैद रहने के लिए मजबूर हैं। संवाद
होली की खुशियां डर में बदलीं
इन युवाओं के परिवारों में जहां गुझिया और मठरी बनाने की तैयारी हो रही थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। अमेरिका-इस्रराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों ने दुबड़जैनल की होली की रौनक छीन ली है। अब परिवार के लोग अधिक चिंतित हैं। उन्हें अनहोनी की चिंता सता रही है।