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Haridwar News: लालढांग चमरिया नहर में कूड़ा, किसानों की फसलों को नुकसान
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लालढांग। लालढांग क्षेत्र की चमरिया नहर में लगातार कूड़ा डाले जाने से आसपास के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। नहर के माध्यम से खेतों तक पहुंच रही गंदगी के कारण न केवल पैदावार घट रही है, बल्कि सिंचाई करने में भी किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चमरिया, नयागांव और जसपुर चमरिया के किसान वर्षों से इसी नहर के पानी पर निर्भर हैं। क्षेत्र की लगभग तीन हजार बीघा से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई इसी नहर से होती है। यह नहर रवासन नदी से निकलकर लालढांग की आबादी के बीच से होकर गुजरती है। आरोप है कि नहर के आसपास रहने वाले कुछ लोग घरों का कूड़ा, प्लास्टिक की पन्नियां और बोतलें सीधे नहर में फेंक रहे हैं। इससे नहर की स्थिति बेहद खराब हो गई है और वह एक तरह से गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। यही गंदगी पानी के साथ किसानों के खेतों तक पहुंच रही है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
किसानों ने बताया कि गंदगी के कारण पानी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है, जिससे खेतों तक सही ढंग से सिंचाई नहीं हो पा रही। इस समस्या को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसान खेम सिंह, रतन सिंह, आशीष नेगी, शशिकांत डोबरियाल, अजय कुमार, आनंद सिंह, दिलवर सिंह और अतर सिंह ने मांग की है कि लालढांग आबादी क्षेत्र में नहर को पाइपलाइन के माध्यम से अंडरग्राउंड किया जाए।
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नहर की समय-समय पर सफाई कराई जाती है। यदि किसान नहर में कूड़ा डालने वाले लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत अधिशासी अभियंता को देते हैं, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
- अभिषेक गुसाईं, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग
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चमरिया, नयागांव और जसपुर चमरिया के किसान वर्षों से इसी नहर के पानी पर निर्भर हैं। क्षेत्र की लगभग तीन हजार बीघा से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई इसी नहर से होती है। यह नहर रवासन नदी से निकलकर लालढांग की आबादी के बीच से होकर गुजरती है। आरोप है कि नहर के आसपास रहने वाले कुछ लोग घरों का कूड़ा, प्लास्टिक की पन्नियां और बोतलें सीधे नहर में फेंक रहे हैं। इससे नहर की स्थिति बेहद खराब हो गई है और वह एक तरह से गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। यही गंदगी पानी के साथ किसानों के खेतों तक पहुंच रही है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
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किसानों ने बताया कि गंदगी के कारण पानी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है, जिससे खेतों तक सही ढंग से सिंचाई नहीं हो पा रही। इस समस्या को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसान खेम सिंह, रतन सिंह, आशीष नेगी, शशिकांत डोबरियाल, अजय कुमार, आनंद सिंह, दिलवर सिंह और अतर सिंह ने मांग की है कि लालढांग आबादी क्षेत्र में नहर को पाइपलाइन के माध्यम से अंडरग्राउंड किया जाए।
नहर की समय-समय पर सफाई कराई जाती है। यदि किसान नहर में कूड़ा डालने वाले लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत अधिशासी अभियंता को देते हैं, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
- अभिषेक गुसाईं, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग