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कुंभ की यादें : फोटो : युवाओं को आध्यात्म से जोड़ने की महत्ता पर होगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 23 Apr 2026 04:59 PM IST
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- कोरोना महामारी की कसक इस बार होगी भव्यता के साथ पूरी
हरिद्वार। आगामी वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई जा रही हैं। कुंभ जैसे महाआयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव मात्र नहीं होने चाहिए बल्कि युवाओं को सनातन की प्राचीन परंपराओं और आध्यात्मिकता की गहराई से जोड़ने का एक सशक्त मंच बनना चाहिए। युवा साधु समाज इस दिशा में पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है। इस बार युवाओं की भागीदारी को अधिकतम स्तर पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सनातन परंपराओं, अनुष्ठानों की महत्ता और उनके आध्यात्मिक लाभों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। युवा साधु समाज इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है। कुंभ नगरी का विकास और जन सुविधाएं विकसित होनी चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर समूचे कुंभ क्षेत्र को एकरूपता प्रदान करने और जन सुविधाओं के विकास की ओर तेजी से कदम उठाने की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि कुंभ जैसे आयोजनों से धर्मनगरी को मिलने वाले विकास कार्य केवल आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि स्थायी प्रकृति के हों। इसके लिए एक विस्तृत खाका तैयार किया जाना चाहिए। पूर्व के कुंभ और अर्धकुंभ आयोजनों की भव्यता और अनुभवों को देखा और सुना भी गया है। वर्ष 2027 के कुंभ में भी उसी स्तर की भव्यता बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से वर्ष 2021 का कुंभ महामारी के कारण प्रभावित हुआ। कई श्रद्धालुओं को आने में बाधा का सामना करना पड़ा था। इस बार यह प्रयास किया जाएगा कि उस कसक को पूरा किया जा सके और सभी श्रद्धालु बिना किसी बाधा के इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बन सकें।
महंत शिवम, चेतन ज्योति आश्रम भूपतवाला
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महंत शिवम, चेतन ज्योति आश्रम भूपतवाला

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