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कुंभ की तैयारी तेज, दिखेगी प्रयाग जैसी दिव्यता : डॉ. रविंद्रपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 10 Jun 2026 07:05 PM IST
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- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी से विशेष बातचीत
- तीनाें राज्यों में मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं आगामी कुंभ की तैयारियों की समीक्षा
कृष्णकांत मणि त्रिपाठी
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले आगामी कुंभ मेलों की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि संत समाज और संबंधित राज्य सरकारें इन आयोजनों को भव्य और सफल बनाने के लिए पूरी तरह जुटी हुई हैं।
‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि 2027 में हरिद्वार से कुंभ की शुरुआत होगी और इसमें प्रयाग कुंभ जैसी दिव्यता व भव्यता देखने को मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की ओर से अखाड़ों को निर्माण कार्यों के लिए दी जा रही वित्तीय सहायता की कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि सभी कार्य पूरी पारदर्शिता और कुशलता से संपन्न हों। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठकें और समीक्षा की जा रही हैं ताकि आयोजन संत समाज की अपेक्षाओं और सरकार की योजनाओं के अनुरूप हो सके। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने विश्वास जताया कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के आगामी कुंभ आध्यात्मिक रूप से समृद्ध और ऐतिहासिक होंगे।
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हरिद्वार में घाटों का विस्तार सीमित दायरे में बेहतर प्रबंधन के लिए तैयार
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की ओर से कुंभ की तैयारियों में दिखाई जा रही सक्रियता इसके सफल आयोजन का संकेतक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सभी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। हरिद्वार में विशेष रूप से 2 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जा रहा है, जो कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार की पवित्र भूमि पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और इस बार उज्जैन भी ऐसी व्यवस्थाएं होंगी कि बरसात के मौसम में भी कोई समस्या न हो।
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कुंभ सनातन धर्म की शक्ति और एकता का प्रदर्शन होगा: श्रीमहंत रविंद्रपुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ मेलों से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्य बेहतर ढंग से किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि भूमि आवंटन तथा देश-विदेश से आने वाले महामंडलेश्वरों और संतों की व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं होंगे, बल्कि सनातन धर्म की शक्ति और एकता का भी प्रदर्शन करेंगे। इन आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत शामिल होंगे, जिससे भारत की आध्यात्मिक परंपराएं और मजबूत होंगी।
- तीनाें राज्यों में मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं आगामी कुंभ की तैयारियों की समीक्षा
कृष्णकांत मणि त्रिपाठी
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले आगामी कुंभ मेलों की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि संत समाज और संबंधित राज्य सरकारें इन आयोजनों को भव्य और सफल बनाने के लिए पूरी तरह जुटी हुई हैं।
‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि 2027 में हरिद्वार से कुंभ की शुरुआत होगी और इसमें प्रयाग कुंभ जैसी दिव्यता व भव्यता देखने को मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की ओर से अखाड़ों को निर्माण कार्यों के लिए दी जा रही वित्तीय सहायता की कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि सभी कार्य पूरी पारदर्शिता और कुशलता से संपन्न हों। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठकें और समीक्षा की जा रही हैं ताकि आयोजन संत समाज की अपेक्षाओं और सरकार की योजनाओं के अनुरूप हो सके। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने विश्वास जताया कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के आगामी कुंभ आध्यात्मिक रूप से समृद्ध और ऐतिहासिक होंगे।
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हरिद्वार में घाटों का विस्तार सीमित दायरे में बेहतर प्रबंधन के लिए तैयार
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की ओर से कुंभ की तैयारियों में दिखाई जा रही सक्रियता इसके सफल आयोजन का संकेतक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सभी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। हरिद्वार में विशेष रूप से 2 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जा रहा है, जो कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार की पवित्र भूमि पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और इस बार उज्जैन भी ऐसी व्यवस्थाएं होंगी कि बरसात के मौसम में भी कोई समस्या न हो।
कुंभ सनातन धर्म की शक्ति और एकता का प्रदर्शन होगा: श्रीमहंत रविंद्रपुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ मेलों से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्य बेहतर ढंग से किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि भूमि आवंटन तथा देश-विदेश से आने वाले महामंडलेश्वरों और संतों की व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं होंगे, बल्कि सनातन धर्म की शक्ति और एकता का भी प्रदर्शन करेंगे। इन आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत शामिल होंगे, जिससे भारत की आध्यात्मिक परंपराएं और मजबूत होंगी।