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Haridwar News: विद्युत आपूर्ति पर फूटा लोगों का गुस्सा, विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
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ज्वालापुर के वार्ड नंबर 42 की वाल्मीकि, रविदास और सोनिया बस्ती में जर्जर बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार देर रात सैकड़ों लोगों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप है कि मुख्य बिजली लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और तारों में बार-बार आग लगने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जेई के तत्काल तबादले और नई विद्युत लाइन बिछाने की मांग उठाई।
पार्षद प्रतिनिधि मयंक सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्र का ट्रांसफार्मर क्षमता से अधिक लोड झेलने में पूरी तरह असमर्थ हो चुका है। विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय मुख्य लाइन में कई-कई जोड़ लगाकर काम चला रहा है। लोड बढ़ते ही तार जलने लगते हैं और ट्रांसफार्मर ट्रिप हो जाता है। घनी आबादी के बीच झूल रहे जर्जर तार छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पहले 17 घंटे और फिर नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से तीनों बस्तियों में पेयजल संकट खड़ा हो गया। घरों की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। इसी के विरोध में देर रात बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद जेई ज्वालापुर मौके पर नहीं पहुंचे और आने से इनकार कर दिया।
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पार्षद प्रतिनिधि मयंक सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्र का ट्रांसफार्मर क्षमता से अधिक लोड झेलने में पूरी तरह असमर्थ हो चुका है। विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय मुख्य लाइन में कई-कई जोड़ लगाकर काम चला रहा है। लोड बढ़ते ही तार जलने लगते हैं और ट्रांसफार्मर ट्रिप हो जाता है। घनी आबादी के बीच झूल रहे जर्जर तार छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि पहले 17 घंटे और फिर नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से तीनों बस्तियों में पेयजल संकट खड़ा हो गया। घरों की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। इसी के विरोध में देर रात बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद जेई ज्वालापुर मौके पर नहीं पहुंचे और आने से इनकार कर दिया।
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