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Kotdwar News: प्रदेश के सभी राजकीय हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन
Sun, 18 Oct 2026 07:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 18 Oct 2026 07:00 PM IST
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कोटद्वार। प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद खाली होने से शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों के कुल 910 पदों में से केवल पांच पदों पर ही स्थायी प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। वहीं, 37 प्रधानाध्यापकों की इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों ने रिक्त पदों पर तैनाती की मांग को लेकर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को ज्ञापन भेजा है। अध्यक्ष जयदीप रावत और मंडलीय मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने ज्ञापन में कहा कि सरकार प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है लेकिन प्रदेश के इतिहास में पहली बार राजकीय हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन होने की स्थिति पैदा हुई है।
इससे शिक्षकों में निराशा और उपेक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने शासन और विभागीय अधिकारियों से मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने और विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की पदोन्नति के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। कहा कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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जारी
अशोक केष्टवाल
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राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों ने रिक्त पदों पर तैनाती की मांग को लेकर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को ज्ञापन भेजा है। अध्यक्ष जयदीप रावत और मंडलीय मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने ज्ञापन में कहा कि सरकार प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है लेकिन प्रदेश के इतिहास में पहली बार राजकीय हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन होने की स्थिति पैदा हुई है।
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इससे शिक्षकों में निराशा और उपेक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने शासन और विभागीय अधिकारियों से मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने और विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की पदोन्नति के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। कहा कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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अशोक केष्टवाल