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जीआईसी कोटद्वार : गत शिक्षा सत्र की अपेक्षा कक्षा-6 में प्रवेश का ग्राफ हुआ दोगुना
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 27 Apr 2026 06:30 PM IST
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(पड़ताल)
- शिक्षक संतोष नेगी की मेहनत और अभिभावकों के भरोसे से नए शिक्षा सत्र में बढ़ी छात्र संख्या
कोटद्वार। पौड़ी जनपद के साथ ही दुगड्डा ब्लॉक के विद्यालयों में जहां लगातार छात्र संख्या घट रही है वहीं जिले में एक विद्यालय ऐसा भी है जहां कक्षा छह में गत शिक्षा सत्र की अपेक्षा इस सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई है। जीआईसी कोटद्वार में इस साल कक्षा छह में 55 छात्रों का प्रवेश हुआ है जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। अभी छात्र संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
राजकीय इंटर कॉलेजों और जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह से पढ़ाई शुरू होती है। वहां कक्षा छह में हर साल नए प्रवेश होते हैं। पर्वतीय क्षेत्र में सुविधाओं के अभाव के कारण लगातार पलायन हो रहा है, जिससे प्राथमिक ही नहीं, जूनियर व माध्यमिक विद्यालयों में भी नए प्रवेश न होने के कारण लगातार छात्र संख्या घट रही है। जनपद के कई विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य हो गई है और ऐसे स्कूलों में ताले लटक गए हैं।
वहीं, जीआईसी कोटद्वार में कक्षा छह में नव प्रवेशियों की संख्या 55 हो चुकी है जो कि नगर क्षेत्र में सभी सरकारी स्कूलों और कई प्राइवेट स्कूलों से भी ज्यादा है। पिछले साल 30 बच्चों ने प्रवेश लिया था। कक्षा अध्यापक संतोष सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने सत्र शुरू होने से पहले ही प्राथमिक विद्यालयों में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों से संपर्क किया। उन्होंने बच्चों की जरूरत को समझा और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी जरूरत के अनुसार मदद भी करेंगे।
सत्र शुरू होने के बाद बच्चों के विद्यालय में आने पर उनकी मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक तौर पर मदद की। साथ ही बच्चों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। नतीजतन विद्यालय में इस साल कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई। इनमें ऐसे बच्चे भी शामिल हैं जिनके माता पिता ने उन्हें प्राइवेट स्कूल से निकालकर उनका दाखिला जीआईसी कोटद्वार में कराया है।
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विद्यालय की बढ़ती छात्र संख्या विद्यालय पर अभिभावकों के बढ़ते हुए भरोसे का प्रतीक है। बच्चों को और अधिक सुविधाएं देने को विद्यालय प्रतिबद्ध है।
- नागेंद्र चौहान, प्रधानाचार्य जीआईसी कोटद्वार।
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कोटद्वार। पौड़ी जनपद के साथ ही दुगड्डा ब्लॉक के विद्यालयों में जहां लगातार छात्र संख्या घट रही है वहीं जिले में एक विद्यालय ऐसा भी है जहां कक्षा छह में गत शिक्षा सत्र की अपेक्षा इस सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई है। जीआईसी कोटद्वार में इस साल कक्षा छह में 55 छात्रों का प्रवेश हुआ है जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। अभी छात्र संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
राजकीय इंटर कॉलेजों और जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह से पढ़ाई शुरू होती है। वहां कक्षा छह में हर साल नए प्रवेश होते हैं। पर्वतीय क्षेत्र में सुविधाओं के अभाव के कारण लगातार पलायन हो रहा है, जिससे प्राथमिक ही नहीं, जूनियर व माध्यमिक विद्यालयों में भी नए प्रवेश न होने के कारण लगातार छात्र संख्या घट रही है। जनपद के कई विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य हो गई है और ऐसे स्कूलों में ताले लटक गए हैं।
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वहीं, जीआईसी कोटद्वार में कक्षा छह में नव प्रवेशियों की संख्या 55 हो चुकी है जो कि नगर क्षेत्र में सभी सरकारी स्कूलों और कई प्राइवेट स्कूलों से भी ज्यादा है। पिछले साल 30 बच्चों ने प्रवेश लिया था। कक्षा अध्यापक संतोष सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने सत्र शुरू होने से पहले ही प्राथमिक विद्यालयों में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों से संपर्क किया। उन्होंने बच्चों की जरूरत को समझा और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी जरूरत के अनुसार मदद भी करेंगे।
सत्र शुरू होने के बाद बच्चों के विद्यालय में आने पर उनकी मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक तौर पर मदद की। साथ ही बच्चों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। नतीजतन विद्यालय में इस साल कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई। इनमें ऐसे बच्चे भी शामिल हैं जिनके माता पिता ने उन्हें प्राइवेट स्कूल से निकालकर उनका दाखिला जीआईसी कोटद्वार में कराया है।
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विद्यालय की बढ़ती छात्र संख्या विद्यालय पर अभिभावकों के बढ़ते हुए भरोसे का प्रतीक है। बच्चों को और अधिक सुविधाएं देने को विद्यालय प्रतिबद्ध है।
- नागेंद्र चौहान, प्रधानाचार्य जीआईसी कोटद्वार।

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