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Kotdwar News: थलनदी झील निर्माण के लिए डॉ. शक्तिशैल ने रखा उपवास
Sun, 09 Aug 2026 07:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:43 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल के संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने रविवार को थलनदी में झील निर्माण और जंगली जानवरों की दहशत से पहाड़ की जनता को राहत दिलाने की मांग को लेकर उपवास किया। उन्होंने मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री से थलनदी झील का तत्काल निर्माण कराने के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने की मांग की।
थलनदी क्षेत्र में उपवास रखकर धरना देते हुए डॉ. कपरवाण ने कहा कि पहाड़ में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आमरण अनशन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत ने कहा कि वन कानूनों में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए, जिससे वन कानूनों से उत्पन्न परेशानियों से पहाड़ के लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय संगठन मंत्री सत्यपाल सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री से पहाड़ वासियों के हित में अलग से पहाड़ी प्लानिंग तैयार करने की मांग की।
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धरना सभा में महिला मंगल दल की अध्यक्ष कृष्णा चंदोला ने कहा कि जंगली जानवरों के हमलों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं के विकास पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाघ और गुलदार के हमलों से महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है। उपवास कार्यक्रम में पुष्कर सिंह रावत, भारत मोहन काला, उपेंद्र बडोला, राजेश रावत, शीशपाल नेगी, अभिषेक परिहार, संगीता राणा, बीना रावत, जनार्दन गौड़, रूपेंद्र सजवाण, शिवानंद परंदियाल, मनमोहन कुकरेती, देवेंद्र कंडवाल, हरि सिंह नेगी, हिमांशु रावत, कमल सिंह और सुदामा राम मौजूद रहे।
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थलनदी क्षेत्र में उपवास रखकर धरना देते हुए डॉ. कपरवाण ने कहा कि पहाड़ में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आमरण अनशन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत ने कहा कि वन कानूनों में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए, जिससे वन कानूनों से उत्पन्न परेशानियों से पहाड़ के लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय संगठन मंत्री सत्यपाल सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री से पहाड़ वासियों के हित में अलग से पहाड़ी प्लानिंग तैयार करने की मांग की।
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धरना सभा में महिला मंगल दल की अध्यक्ष कृष्णा चंदोला ने कहा कि जंगली जानवरों के हमलों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं के विकास पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाघ और गुलदार के हमलों से महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है। उपवास कार्यक्रम में पुष्कर सिंह रावत, भारत मोहन काला, उपेंद्र बडोला, राजेश रावत, शीशपाल नेगी, अभिषेक परिहार, संगीता राणा, बीना रावत, जनार्दन गौड़, रूपेंद्र सजवाण, शिवानंद परंदियाल, मनमोहन कुकरेती, देवेंद्र कंडवाल, हरि सिंह नेगी, हिमांशु रावत, कमल सिंह और सुदामा राम मौजूद रहे।